Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 Feb, 2026 12:29 PM

चंडीगढ़ स्थित एक शाखा में ₹590 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद IDFC First Bank के शेयरधारकों को बड़ा झटका लगा। सोमवार को एक ही कारोबारी सत्र में बैंक का मार्केट कैप करीब ₹14,369 करोड़ घट गया। शेयर 20% तक टूटकर एनएसई पर ₹67 के लोअर...
बिजनेस डेस्कः चंडीगढ़ स्थित एक शाखा में ₹590 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद IDFC First Bank के शेयरधारकों को बड़ा झटका लगा। सोमवार को एक ही कारोबारी सत्र में बैंक का मार्केट कैप करीब ₹14,369 करोड़ घट गया। शेयर 20% तक टूटकर एनएसई पर ₹67 के लोअर सर्किट पर पहुंच गया, यह मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
क्या है मामला?
बैंक के अनुसार, चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में बिना अनुमति के लेनदेन किए, जिससे लगभग ₹590 करोड़ के डिपॉजिट बैलेंस में अंतर पैदा हो गया। यह राशि बैंक के एक तिमाही मुनाफे से भी अधिक बताई जा रही है।
कैसे खुली गड़बड़ी?
मामला तब उजागर हुआ जब Government of Haryana ने अपने खातों को बंद कर राशि दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। मिलान प्रक्रिया के दौरान बैंक रिकॉर्ड और सरकारी विभागों द्वारा बताए गए बैलेंस में अंतर पाया गया। 18 फरवरी 2026 के बाद कई सरकारी संस्थानों द्वारा संपर्क किए जाने पर और विसंगतियां सामने आईं।
निवेशकों को भारी नुकसान
बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कारोबारी दिन बैंक का मार्केट कैप ₹71,854.85 करोड़ था, जो सोमवार को घटकर ₹57,485.60 करोड़ रह गया। यानी निवेशकों की पूंजी में एक ही दिन में ₹14,000 करोड़ से ज्यादा की कमी आ गई।
बैंक ने क्या कदम उठाए?
बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और एक स्वतंत्र बाहरी एजेंसी से फोरेंसिक ऑडिट शुरू किया है। दोषी पाए जाने वालों पर अनुशासनात्मक, दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की बात कही गई है। साथ ही संदिग्ध खातों में जमा रकम पर रोक लगाने के लिए संबंधित बैंकों से संपर्क किया गया है।
बैंक का कहना है कि यह मामला केवल चंडीगढ़ शाखा के कुछ सरकारी खातों तक सीमित है और अन्य ग्राहकों पर इसका असर नहीं पड़ा है। फिलहाल बाजार की नजर जांच की प्रगति और बैंक की आगे की रणनीति पर टिकी है।