Edited By jyoti choudhary,Updated: 25 Feb, 2023 04:33 PM

यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स की हालिया इंटरनेशनल आईपी इंडेक्स रिपोर्ट (IP Index) में भारत को 55 देशों में से 42वें स्थान पर रखा गया है। एनुअल इंटरनेशनल आईपी इंडेक्स दुनिया की 55 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आईपी अधिकारों के संरक्षण का मूल्यांकन करता है, जो...
नई दिल्लीः यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स की हालिया इंटरनेशनल आईपी इंडेक्स रिपोर्ट (IP Index) में भारत को 55 देशों में से 42वें स्थान पर रखा गया है। एनुअल इंटरनेशनल आईपी इंडेक्स दुनिया की 55 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आईपी अधिकारों के संरक्षण का मूल्यांकन करता है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 90 फीसदी का प्रतिनिधित्व करते हैं। रिपोर्ट में पेटेंट और कॉपीराइट कानूनों से लेकर आईपी एसेट्स के मोनेटाइजेशन की क्षमता और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के रेटिफिकेशन तक सब कुछ शामिल है। इसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के प्रस्ताव को स्वीकार्य किया जाता है। यह बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) के अधिकारों पर रिपोर्ट रखती है।
यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स का क्या है कहना?
यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स ग्लोबल इनोवेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पैट्रिक किलब्राइड ने कहा कि जैसा कि भारत का आकार और आर्थिक प्रभाव विश्व मंच पर बढ़ता है, भारत आईपी संचालित इनोवेशन के माध्यम से अपनी अर्थव्यवस्था को बदलने की मांग करने वाले उभरते बाजारों के लिए एक नेता बनने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि भारत ने कॉपीराइट-उल्लंघन सामग्री के खिलाफ प्रवर्तन में सुधार के लिए कदम उठाए हैं और आईपी संपत्तियों की बेहतर समझ और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक बेस्ट-इन-क्लास ढांचा प्रदान करता है।
नया आईपी मॉडल करना विकसित करना होगा महत्वपूर्ण
पैट्रिक किलब्राइड ने आगे कहा कि भारत ने आईपी संपत्तियां की बेहतर समझ को बढ़ावा दिया है और इसके लिए शानदार फ्रेमवर्क भी बनाया है। हालांकि भारत के लिए आईपी फ्रेमवर्क में बदलाव और नया मॉडल विकसित करना महत्वपूर्ण होगा क्योंकि आईपी ढांचे में लंबे समय से चली आ रही खामियों को दूर करना भारत की क्षेत्र के लिए एक नया मॉडल बनाने की क्षमता और भारत की निरंतर आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होगा।