Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Jan, 2026 10:53 AM

अगर भारत रूसी तेल के मुद्दे पर सहयोग नहीं करता है, तो अमेरिका भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा सकता है। यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान दी। ट्रंप ने साफ कहा कि वह चाहते हैं कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद करे।...
बिजनेस डेस्कः अगर भारत रूसी तेल के मुद्दे पर सहयोग नहीं करता है, तो अमेरिका भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा सकता है। यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान दी। ट्रंप ने साफ कहा कि वह चाहते हैं कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद करे। उन्होंने इस चेतावनी को भारत-अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड बातचीत से जोड़ते हुए कहा कि अमेरिका भारत पर बहुत जल्दी आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला ले सकता है।
भारत को लेकर रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “वे असल में मुझे खुश करना चाहते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, वह एक अच्छे आदमी हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था। वे ट्रेड करते हैं और हम उन पर बहुत तेजी से टैरिफ बढ़ा सकते हैं।”
ट्रंप के ये बयान रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव को फिर से उजागर करते हैं। कुछ महीने पहले ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा। हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि ट्रंप और मोदी के बीच ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई।
भारत पर पहले ही 50% टैरिफ
रूसी तेल की भारी खरीद को लेकर अमेरिका पहले ही भारत पर सख्त कदम उठा चुका है। पिछले साल अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय सामानों के आयात पर टैरिफ दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया था। फिलहाल दोनों देश एक संभावित ट्रेड डील पर बातचीत कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है।
गौरतलब है कि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत डिस्काउंटेड रूसी समुद्री कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था। पश्चिमी देश इसका विरोध करते हुए रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। उनका तर्क है कि तेल से होने वाली कमाई रूस के युद्ध प्रयासों को आर्थिक मदद देती है।