देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर जनवरी में दो महीने के उच्च स्तर पर: पीएमआई

Edited By Updated: 04 Feb, 2026 12:18 PM

india s services sector growth rate reaches a two month high in january pmi

देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर जनवरी में दो महीने के उच्च स्तर 58.5 पर पहुंच गई। नए कारोबार की प्राप्ति और उत्पादन में तेजी से विस्तार इसकी मुख्य वजह रही जिससे सेवा प्रदाताओं को अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए प्रोत्साहन मिला। बुधवार को...

नई दिल्लीः देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर जनवरी में दो महीने के उच्च स्तर 58.5 पर पहुंच गई। नए कारोबार की प्राप्ति और उत्पादन में तेजी से विस्तार इसकी मुख्य वजह रही जिससे सेवा प्रदाताओं को अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए प्रोत्साहन मिला। बुधवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी मिली। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक दिसंबर के 58.0 से जनवरी में दो महीने के उच्च स्तर 58.5 पर आ गया। 

क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम का आशय संकुचन से होता है। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ''भारत का सेवा क्षेत्र का पीएमआई जनवरी में बढ़कर 58.5 हो गया जो दिसंबर में 58.0 था। यह इस क्षेत्र में निरंतर गति का संकेत देता है। उत्पादन में मजबूत वृद्धि की मुख्य वजह नए ऑर्डर का लगातार आना रहा जिसमें दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया से बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग भी शामिल है।'' 

सर्वेक्षण में पाया गया कि भारत में सेवा प्रदाताओं ने नए कारोबार में तेजी से वृद्धि दर्ज की। वे भविष्य के प्रति अधिक आशावादी थे और उन्होंने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की। इसके अनुसार, नए ऑर्डर में पिछले दो महीनों में सबसे तेज वृद्धि हुई। नए कारोबार में वृद्धि का मुख्य स्रोत घरेलू बाजार रहा लेकिन अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर में भी ठोस वृद्धि हुई। सर्वेक्षण में शामिल प्रतिभागियों ने इंडोनेशिया, केन्या, मलेशिया, ओमान, कतर, श्रीलंका, थाईलैंड और वियतनाम के ग्राहकों से प्राप्त नए व्यवसाय के बारे में जानकारी दी। भारत में सेवा प्रदाता भविष्य के प्रति अधिक आशावादी थे। कीमतों के मोर्चे पर सर्वेक्षण में पाया गया कि कच्चे माल की लागत और विक्रय शुल्क में वृद्धि तेज गति से हुई, हालांकि यह अब भी मामूली है। 

उपभोक्ता सेवा श्रेणी में लागत का दबाव सबसे अधिक तेज रहा जबकि उत्पादन शुल्क में सबसे मजबूत वृद्धि वित्त एवं बीमा क्षेत्र में देखी गई। इस बीच, जनवरी में भारत के निजी क्षेत्र में नए ऑर्डर और उत्पादन में तेजी से वृद्धि देखी गई। इसने बदले में रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया और व्यावसायिक विश्वास को मजबूत किया। एचएसबीसी इंडिया समग्र उत्पादन सूचकांक दिसंबर के 11 महीने के निचले स्तर 57.8 से बढ़कर जनवरी में 58.4 हो गया। समग्र पीएमआई सूचकांक, तुलनीय विनिर्माण एवं सेवा पीएमआई सूचकांकों का भारित औसत है। भार, आधिकारिक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के सापेक्ष आकार को दर्शाता है। 

भंडारी ने कहा, ''जनवरी में समग्र पीएमआई भी मजबूत हुआ जो विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों में ठोस मांग वृद्धि को दर्शाता है।'' सर्वेक्षण के अनुसार, रोजगार के मोर्चे पर दिसंबर में ठहराव के बाद निजी क्षेत्र में रोजगार में 2026 की शुरुआत में वृद्धि हुई। विनिर्माण कंपनियों और उनकी सेवा समकक्षों में रोजगार सृजन की दर मामूली रही।  

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