भारत का दूरसंचार क्षेत्र 2024 में नई ऊंचाइयों पर, 5G और डिजिटल विस्तार को मिली गति

Edited By Updated: 07 Mar, 2025 01:58 PM

india s telecom sector set to reach new heights in 2024

भारत के दूरसंचार क्षेत्र ने 2023 के अंत तक 936.16 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को जोड़ा, जबकि मार्च 2024 तक कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 1,199.28 मिलियन तक पहुंच गई। इस उपलब्धि के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम बाजार बन गया है। टेलीकॉम...

बिजनेस डेस्कः भारत के दूरसंचार क्षेत्र ने 2023 के अंत तक 936.16 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को जोड़ा, जबकि मार्च 2024 तक कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 1,199.28 मिलियन तक पहुंच गई। इस उपलब्धि के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम बाजार बन गया है। टेलीकॉम क्षेत्र की प्रवेश दर 85.69% दर्ज की गई, जिसमें वायरलेस और ब्रॉडबैंड कनेक्शन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

ग्रामीण भारत में डिजिटल क्रांति और वायरलेस सेगमेंट का दबदबा

टेलीकॉम उद्योग में 1,165.49 मिलियन वायरलेस सब्सक्राइबर और 904.54 मिलियन ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ताओं के साथ मजबूत वृद्धि देखी गई। कुल टेलीफोन कनेक्शनों में वायरलेस सेगमेंट की हिस्सेदारी 97.2% रही। मार्च 2024 तक ग्रामीण टेली-घनत्व 59.19% पर पहुंच गया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।

5G और 6G तकनीक की ओर भारत की तेज़ी

भारत में 5G नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है, और 2026 तक 330 मिलियन 5G ग्राहकों के जुड़ने की संभावना है। इसके साथ ही, भारत सरकार Bharat 6G Alliance के तहत यूरोपीय टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझेदारी कर 6G तकनीक विकसित करने की दिशा में कार्यरत है।

निवेश और सरकारी योजनाओं से सेक्टर को बढ़ावा

भारत सरकार के डिजिटल इंडिया और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना ने दूरसंचार उद्योग को मजबूती दी है। इस योजना का उद्देश्य घरेलू दूरसंचार उपकरण निर्माण और निर्यात को बढ़ावा देना है। भारत में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति दी गई है, जिसके परिणामस्वरूप अप्रैल 2000 से मार्च 2024 तक इस क्षेत्र में US$ 39.32 बिलियन का विदेशी निवेश आया है।

डाटा खपत में जबरदस्त उछाल

भारत में वायरलेस डेटा की खपत तेज़ी से बढ़ रही है। 2026 तक प्रति उपयोगकर्ता औसत डेटा खपत 40GB प्रति माह तक पहुंचने की उम्मीद है, जो FY21 में 14.6GB प्रति माह थी।

मोबाइल निर्माण और निर्यात में भारत की बढ़त

भारत का मोबाइल निर्माण उद्योग 2025-26 तक US$ 126 बिलियन के उपकरणों का उत्पादन करेगा। मोबाइल फोन निर्यात में वृद्धि के साथ, भारत वैश्विक स्तर पर इंटरनेट ट्रैफिक का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए ‘न्याय महा अभियान’

भारत सरकार ₹24,000 करोड़ की लागत से अगले तीन वर्षों में टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए न्याय महा अभियान चला रही है।

बढ़ती इंटरनेट पहुंच और ब्रॉडबैंड विस्तार

2025 तक भारत में 900 मिलियन से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता होने का अनुमान है, जिसमें वायरलेस ब्रॉडबैंड प्रमुख भूमिका निभाएगा। वर्तमान में रिलायंस जियो सबसे बड़ा सेवा प्रदाता है, इसके बाद एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल आते हैं।

डिजिटल युग में रोजगार के नए अवसर

5G और अन्य नई तकनीकों के बढ़ते प्रभाव के कारण टेलीकॉम सेक्टर में कुशल पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह क्षेत्र नई नौकरियों के अवसर पैदा कर रहा है, जिससे डिजिटल क्रांति को और बढ़ावा मिल रहा है।


 

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