Edited By jyoti choudhary,Updated: 03 Feb, 2026 11:01 AM

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बनने के बाद मंगलवार, 3 फरवरी को भारतीय टेक्सटाइल शेयरों में जबरदस्त रैली देखने को मिली। लंबे समय से अमेरिकी टैरिफ के दबाव में रहे टेक्सटाइल स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी लौटी और कई शेयरों में 20 फीसदी का अपर...
बिजनेस डेस्कः भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बनने के बाद मंगलवार, 3 फरवरी को भारतीय टेक्सटाइल शेयरों में जबरदस्त रैली देखने को मिली। लंबे समय से अमेरिकी टैरिफ के दबाव में रहे टेक्सटाइल स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी लौटी और कई शेयरों में 20 फीसदी का अपर सर्किट लग गया। शुरुआती कारोबार में गोकलदास एक्सपोर्ट्स, वेलस्पन लिविंग, केपीआर मिल और इंडो काउंट इंडस्ट्रीज जैसे प्रमुख शेयरों में 15 से 20 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया के जरिए भारत-अमेरिका ट्रेड डील की जानकारी दी। इस समझौते के तहत अमेरिका में भारतीय सामानों पर लगने वाला टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। इस एक फैसले ने निवेशकों के सेंटीमेंट को पूरी तरह बदल दिया और अमेरिकी बाजार पर निर्भर टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
इन टेक्सटाइल शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी
ट्रेड डील की घोषणा के बाद गोकलदास एक्सपोर्ट्स, केपीआर मिल, वेलस्पन लिविंग, ट्राइडेंट, एसपी अपैरल और इंडो काउंट इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में 20 फीसदी का अपर सर्किट लगा। इसके अलावा कई अन्य टेक्सटाइल स्टॉक्स में भी 15 से 20 फीसदी तक की मजबूती देखने को मिली, जिससे पूरा सेक्टर निवेशकों के रडार पर आ गया।
ट्रेड डील में भारत को क्या मिला खास
इस ट्रेड डील के तहत अब भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट एक्सपोर्ट्स पर अमेरिका में 18 फीसदी टैरिफ लागू होगा, जो प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है। वियतनाम और बांग्लादेश से होने वाले गारमेंट एक्सपोर्ट्स पर अमेरिका में 20-20 फीसदी टैरिफ लगाया जा रहा है, जबकि भारत के लिए यह दर 18 फीसदी तय की गई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि कम टैरिफ के चलते अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद कीमत के लिहाज से ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे, जिससे आने वाले समय में भारत की बाजार हिस्सेदारी बढ़ सकती है।
पहले क्यों दबाव में था टेक्सटाइल सेक्टर
अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद टेक्सटाइल शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई थी। टेक्सटाइल कंपनियों की अमेरिकी बाजार पर निर्भरता काफी ज्यादा है और कई कंपनियां अपनी कुल आय का 50 से 70 फीसदी हिस्सा अमेरिका से कमाती हैं। इसी वजह से रेसिप्रोकल टैरिफ और अमेरिका की अन्य देशों के साथ ट्रेड डील की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी थी।
विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी रेडीमेड गारमेंट इंपोर्ट मार्केट में बांग्लादेश की हिस्सेदारी करीब 9 फीसदी और वियतनाम की हिस्सेदारी लगभग 19 फीसदी है, जबकि भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 6 फीसदी रही है। अब कम टैरिफ के चलते भारत की हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे लंबी अवधि में टेक्सटाइल कंपनियों को फायदा मिल सकता है।
हालिया गिरावट के बाद मिली राहत
ट्रेड डील से पहले टेक्सटाइल शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली थी। पिछले एक महीने में गोकलदास एक्सपोर्ट्स के शेयर करीब 17 फीसदी टूट चुके थे, जबकि वेलस्पन लिविंग में 6 फीसदी और इंडो काउंट इंडस्ट्रीज में 14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। मंगलवार की तेज रैली ने इन शेयरों को बड़ी राहत दी है और सेक्टर में फिर से पॉजिटिव माहौल बनाया है।