EPFO: करोड़ों कर्मचारियों को हो सकता है फायदा, ₹15,000 से बढ़कर 30,000 हो सकती है सैलरी लिमिट

Edited By Updated: 09 Jan, 2026 05:00 PM

millions of employees could benefit salary limit may be increased

केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत आने वाली मासिक वेतन सीमा (वेज कैप) को मौजूदा 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए से 30,000 रुपए करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह सीमा आखिरी बार सितंबर 2014 में तय की गई थी। हाल ही में सुप्रीम...

बिजनेस डेस्कः केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत आने वाली मासिक वेतन सीमा (वेज कैप) को मौजूदा 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए से 30,000 रुपए करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह सीमा आखिरी बार सितंबर 2014 में तय की गई थी। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने श्रम मंत्रालय से ई.पी.एफ.ओ. की वेज कैप की समीक्षा करने को कहा है। इसके बाद सरकार के स्तर पर यह प्रस्ताव फिर से चर्चा में आ गया है और आने वाले चार महीनों में इस पर फैसला हो सकता है।

क्या है EPFO वेज कैप?

वेज कैप वह अधिकतम मासिक वेतन सीमा है, जिसके तहत किसी कर्मचारी के लिए ई.पी.एफ.ओ. में योगदान करना अनिवार्य होता है। अभी 15,000 रुपए से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए ई.पी.एफ. में शामिल होना वैकल्पिक है।

क्यों जरूरी है सीमा बढ़ाना?

2014 के बाद से देश में वेतन स्तर में बड़ा इजाफा हुआ है। कई राज्यों में न्यूनतम मजदूरी भी 15,000 रुपए से ऊपर पहुंच चुकी है। ऐसे में मौजूदा सीमा को अव्यवहारिक माना जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर रह जाते हैं। वेज कैप बढ़ने से ई.पी.एफ.ओ. का दायरा और बड़ा होगा। कर्मचारियों की भविष्य निधि में ज्यादा योगदान जमा होगा, जिससे रिटायरमेंट के समय उन्हें बड़ा फंड मिलेगा। चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ भी लंबे समय में काफी अहम साबित होगा।

नियोक्ताओं की क्या है मांग

जहां कर्मचारी यूनियनें वेज कैप को 30,000 रुपए तक बढ़ाने की मांग कर रही हैं, वहीं कुछ नियोक्ता इसे लेकर असहज हैं। उनका तर्क है कि वेतन सीमा बढ़ने से योगदान का बोझ बढ़ेगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से खासतौर पर असंगठित क्षेत्र के ज्यादा कर्मचारी ई.पी.एफ.ओ.के दायरे में आएंगे, जिससे सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी और रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिरता मिलेगी।

क्या कहते हैं EPFO के आंकड़े

वित्त वर्ष 2024 तक ई.पी.एफ.ओ. के सक्रिय अंशधारकों की संख्या करीब 7.4 करोड़ है, जबकि कुल खातों की संख्या लगभग 32 करोड़ बताई जाती है, जिनमें मौजूदा और पूर्व कर्मचारी शामिल हैं। अगर सरकार ई.पी.एफ.ओ. की वेज कैप बढ़ाने का फैसला लेती है, तो यह देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए भविष्य की सुरक्षा को मजबूत करने वाला बड़ा कदम साबित होगा।

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