मूडीज ने घटाई अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग, कर्ज और महंगाई से बढ़ी आम जनता की चिंता

Edited By Updated: 17 May, 2025 05:45 PM

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क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अमेरिका की रेटिंग AAA से घटाकर AA1 कर दी है। 1917 के बाद यह पहली बार हुआ है जब मूडीज ने अमेरिका को उसके ‘परफेक्ट क्रेडिट स्कोर’ से वंचित किया है। इससे संकेत मिलता है कि अब अमेरिका का कर्ज पहले जितना सुरक्षित नहीं माना...

वॉशिंगटन: क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अमेरिका की रेटिंग AAA से घटाकर AA1 कर दी है। 1917 के बाद यह पहली बार हुआ है जब मूडीज ने अमेरिका को उसके ‘परफेक्ट क्रेडिट स्कोर’ से वंचित किया है। इससे संकेत मिलता है कि अब अमेरिका का कर्ज पहले जितना सुरक्षित नहीं माना जा रहा।

यह फैसला फिच (2023) और S&P (2011) की पहले की गई रेटिंग कटौती के बाद आया है। अब तीनों बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने अमेरिका को AAA से नीचे रेट किया है।

मूडीज ने क्यों घटाई रेटिंग?

मूडीज के मुताबिक, अमेरिका का बढ़ता कर्ज और उस पर ब्याज अब गंभीर चिंता का विषय है। अमेरिका का वित्तीय बोझ समान रेटिंग वाले अन्य देशों से कहीं ज्यादा हो गया है। भविष्य में उधारी की बढ़ती जरूरत अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक दबाव बनाए रखेगी। हालांकि मूडीज ने अमेरिका के लिए 'स्थिर आउटलुक' बरकरार रखा है लेकिन फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणियों से यह स्थिरता खतरे में भी पड़ सकती है।

राजनीतिक घमासान शुरू

रेटिंग गिरने के बाद अमेरिका में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। व्हाइट हाउस प्रवक्ता कुश देसाई ने इसके लिए बाइडन प्रशासन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी अमेरिका को फिर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए "वन बिग ब्यूटीफुल बिल" ला रही है। इस बिल में सरकारी खर्चों में कटौती, अनावश्यक योजनाओं को खत्म करने और बर्बादी रोकने की योजना है।

आम जनता पर असर क्या होगा?

  • महंगाई पहले से ही बढ़ी हुई है, ऐसे में रेटिंग गिरने से ब्याज दरें और बढ़ सकती हैं।
  • इससे होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड की किश्तें महंगी हो सकती हैं।
  • ट्रेजरी यील्ड बढ़ने का मतलब है कि अमेरिका को निवेशकों को और अधिक ब्याज देना होगा।

मुस्क की छंटनी नीति और विवाद

एलन मस्क के नेतृत्व वाले डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) ने सरकारी खर्चों को घटाने के लिए हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है और USAID जैसी संस्थाओं के बजट में कटौती की गई है।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन के टैक्स कट और सोशल स्कीम में कटौती जैसे प्रस्ताव लंबे समय में अमेरिका के कर्ज को 3.3 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ा सकते हैं। 

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