सोना गिरवी रखकर पुराना कर्ज चुका रहे लोग, गोल्ड लोन के बढ़ते जोखिम पर अलर्ट

Edited By Updated: 23 Oct, 2026 02:17 PM

people are pledging gold to repay old debts alert regarding rising risks

भारत में गोल्ड लोन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है लेकिन इस उछाल के पीछे लोगों की आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज का दबाव भी एक बड़ी वजह हो सकता है। Macquarie की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई फाइनेंस कंपनियां ऐसे ग्राहकों को भी सोना गिरवी रखकर नया

नई दिल्लीः भारत में गोल्ड लोन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है लेकिन इस उछाल के पीछे लोगों की आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज का दबाव भी एक बड़ी वजह हो सकता है। Macquarie की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई फाइनेंस कंपनियां ऐसे ग्राहकों को भी सोना गिरवी रखकर नया कर्ज दे रही हैं, जो पहले से अपने पुराने लोन का भुगतान करने में पिछड़ चुके हैं। इससे सवाल उठ रहा है कि क्या गोल्ड लोन लोगों की जरूरतें पूरी करने का जरिया है या पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया कर्ज लेने का माध्यम बनता जा रहा है।

15% से 23% तक गोल्ड लोन डिफॉल्ट वाले ग्राहकों को

Piramal Finance के MD और CEO जयराम श्रीधरन के मुताबिक, पिछले एक साल में इंडस्ट्री में वितरित कुल गोल्ड लोन का 15% से 23% हिस्सा ऐसे ग्राहकों को दिया गया, जो अपने पुराने कर्ज का भुगतान करने में 90 दिन से ज्यादा की देरी कर चुके थे। यह स्थिति कर्जदारों की वित्तीय सेहत और लोन देने वाली कंपनियों के जोखिम प्रबंधन पर सवाल खड़े करती है।

पुराने कर्ज को चुकाने के लिए गिरवी रखा जा रहा सोना

Macquarie के विश्लेषक सुरेश गणपति के मुताबिक, कुछ बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) की रिकवरी टीमें कर्जदारों को पुराने बकाये चुकाने के लिए दूसरे लेंडर से गोल्ड लोन लेने की सलाह दे सकती हैं। इससे एक कर्ज चुकाने के लिए दूसरा कर्ज लेने का चलन बढ़ने की आशंका है। हालांकि, हर गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहक की स्थिति ऐसी हो, यह जरूरी नहीं है।

बजाज फाइनेंस ने बदली रणनीति

एक रिपोर्ट के अनुसार, बजाज फाइनेंस ने अपनी अर्निंग्स कॉल में कहा कि वह कम अवधि वाले गोल्ड लोन से दूरी बना रही है। कंपनी के मुताबिक, कम अवधि में मूलधन और ब्याज चुकाने का दबाव ग्राहकों के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है। इसलिए कंपनी लंबी अवधि वाले लोन को प्राथमिकता दे रही है, जिससे ग्राहकों को भुगतान के लिए अधिक समय मिल सके।

गोल्ड लोन बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

Macquarie के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में नए रिटेल लोन में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी करीब एक तिहाई रही। रिपोर्ट में गोल्ड लोन को होम लोन के बाद देश के बड़े रिटेल लोन सेगमेंट में शामिल बताया गया है।

विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि जोखिम का सही आकलन किए बिना इस कारोबार में तेजी से विस्तार करना वित्तीय कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। ऐसे में गोल्ड लोन की बढ़ती मांग के साथ कर्जदारों की भुगतान क्षमता और कंपनियों की जोखिम प्रबंधन व्यवस्था पर नजर रखना जरूरी होगा।

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