Edited By jyoti choudhary,Updated: 08 Jan, 2026 03:33 PM

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 820 अंक तक टूटकर 84,140 के स्तर पर आ गया, जो इस साल का अब तक का सबसे निचला स्तर है। वहीं निफ्टी करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ जनवरी में पहली बार 26,000 के अहम...
बिजनेस डेस्कः गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 820 अंक तक टूटकर 84,140 के स्तर पर आ गया, जो इस साल का अब तक का सबसे निचला स्तर है। वहीं निफ्टी करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ जनवरी में पहली बार 26,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया।
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कारोबार के अंत में सेंसेक्स 780.18 अंक या 0.92% फीसदी गिरकर 84,180.96 पर आ गया, जबकि निफ्टी 263.90 अंक या 1.01% फीसदी टूटकर 25,876.85 के स्तर पर बंद हुआ।

कुल 3,133 शेयरों में से 2,546 शेयर लाल निशान में रहे। सेक्टोरल फ्रंट पर लगभग सभी इंडेक्स दबाव में रहे। निफ्टी बैंक करीब 3 फीसदी टूटा, जबकि IT, मेटल, ऑयल एंड गैस और PSU बैंक इंडेक्स में 1 से 2 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। TCS, Infosys, Reliance, Tech Mahindra, Hindalco और JSW Steel जैसे दिग्गज शेयरों ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया।
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500% टैरिफ की आशंका से बढ़ी घबराहट
अमेरिका में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त प्रतिबंध और भारी टैरिफ लगाने से जुड़े प्रस्ताव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस बिल के भारत जैसे देशों पर असर पड़ने की आशंका से विदेशी निवेशक सतर्क हो गए हैं। बुधवार को ही विदेशी निवेशकों ने करीब 1,528 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

कमजोर ग्लोबल संकेत और ट्रेड डील में देरी
अमेरिका के कमजोर जॉब्स डेटा और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। इसके अलावा US-India ट्रेड डील में हो रही देरी ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया है। तकनीकी रूप से निफ्टी के अहम सपोर्ट टूटने से बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।