Edited By jyoti choudhary,Updated: 22 Jan, 2026 10:49 AM

भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार, 22 जनवरी को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 750 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी एक बार फिर 25,400 के अहम स्तर के ऊपर पहुंच गया। इसके साथ ही बाजार में पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जारी भारी...
बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार, 22 जनवरी को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 750 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी एक बार फिर 25,400 के अहम स्तर के ऊपर पहुंच गया। इसके साथ ही बाजार में पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जारी भारी गिरावट पर ब्रेक लगा। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक और आर्थिक तनाव कम होने से निवेशकों के सेंटीमेंट में सुधार दिखा और बाजार ने राहत की सांस ली।
सुबह करीब 9:45 बजे बीएसई सेंसेक्स 773.05 अंक यानी 0.94 फीसदी की तेजी के साथ 82,682.69 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 245.35 अंक या 0.98 फीसदी की बढ़त के साथ 25,402.85 के ऊपर पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कई दिनों बाद खरीदारी लौटी और दोनों इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी तक चढ़ गए। लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
तेजी के पीछे 3 बड़े कारण
1. ग्रीनलैंड और यूरोप पर ट्रंप का बदला रुख
बाजार में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड और यूरोप को लेकर नरम रुख रहा। ट्रंप ने साफ किया कि ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने के लिए अमेरिका सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करेगा। इसके साथ ही उन्होंने यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की योजना को भी फिलहाल टाल दिया है।
दावोस में नाटो महासचिव मार्क रुटे से मुलाकात के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर एक रूपरेखा तय हो चुकी है, जिसके चलते 1 फरवरी से प्रस्तावित टैरिफ लागू नहीं किए जाएंगे। हालांकि इस समझौते का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि बाजार इसे ट्रंप की परिचित रणनीति के तौर पर देख रहा है, जिसे ‘TACO’ (Trump Always Chickens Out) कहा जाता है। उनके मुताबिक, अमेरिका-यूरोप ट्रेड वॉर का खतरा टलना बाजार के लिए बेहद राहत भरा संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में खुले शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के चलते मौजूदा माहौल शॉर्ट कवरिंग के लिए अनुकूल है, जिससे तेजी आगे भी जारी रह सकती है।
2. भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर उम्मीदें मजबूत
तेजी की दूसरी बड़ी वजह भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदें रहीं। डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में मनीकंट्रोल से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि अमेरिका जल्द ही भारत के साथ “एक अच्छा सौदा” करने जा रहा है। इस बयान से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत के सकारात्मक दिशा में बढ़ने के संकेत मिले, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
3. ग्लोबल बाजारों से मजबूत संकेत
अमेरिकी शेयर बाजार बीती रात मजबूती के साथ बंद हुए, जबकि वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स ने भी अमेरिकी बाजारों में मजबूत शुरुआत के संकेत दिए। एशियाई बाजारों में भी जोखिम लेने की धारणा में सुधार दिखा, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता घटने और जोखिम कम होने से निवेशकों ने एक बार फिर इक्विटी में दिलचस्पी दिखाई।