Edited By Sarita Thapa,Updated: 22 Jan, 2026 11:30 AM

रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। लेकिन इस भक्ति के बीच डिजिटल दिखावे ने संतों की चिंता बढ़ा दी है।
Ayodhya Ram Mandir Mobile Ban News : रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। लेकिन इस भक्ति के बीच डिजिटल दिखावे ने संतों की चिंता बढ़ा दी है। अयोध्या के प्रमुख संतों और महंतों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख मंदिरों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। संतों का कहना है कि मंदिर दर्शन और ध्यान की जगह है, न कि रील बनाने या सेल्फी लेने की। मोबाइल के कारण भक्त भगवान पर ध्यान लगाने के बजाय कैमरे पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जिससे मंदिर की आध्यात्मिक शांति भंग होती है।
अयोध्या एक संवेदनशील क्षेत्र है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि गर्भगृह और संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर डालना सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है। अक्सर देखा जाता है कि भक्त गर्भगृह के सामने खड़े होकर फोटो खींचने लगते हैं, जिससे पीछे खड़ी कतार रुक जाती है। फोन न होने से दर्शन की प्रक्रिया और भी तेज और सुगम हो सकेगी।
चारधाम के फैसले का असर
उत्तराखंड सरकार द्वारा केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे धामों में मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल ले जाने और रील बनाने पर रोक लगाए जाने के बाद अयोध्या के संतों का तर्क और मजबूत हो गया है। हनुमानगढ़ी के संतों का कहना है कि यदि वहां यह नियम लागू हो सकता है, तो अयोध्या में क्यों नहीं?
प्रशासन की क्या है तैयारी ?
वर्तमान में राम जन्मभूमि मंदिर के भीतर मोबाइल ले जाना पहले से ही प्रतिबंधित है, लेकिन हनुमानगढ़ी, कनक भवन और नागेश्वरनाथ जैसे अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में अभी इसकी छूट है। यदि मोबाइल पूरी तरह बैन होता है, तो प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लाखों भक्तों के फोन सुरक्षित रखने के लिए 'डिजिटल लॉकर' की व्यवस्था करना होगा। कुछ श्रद्धालुओं का तर्क है कि वे अपनी यादों को संजोने के लिए फोटो खींचना चाहते हैं, लेकिन संतों का स्पष्ट मानना है कि आस्था प्रदर्शन की वस्तु नहीं है।
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