Char dham Yatra 2026 : अब एक स्कैन में खुलेगा देवभूमि का इतिहास, चारधाम यात्रा में क्यूआर कोड बनेगा आपका डिजिटल गाइड

Edited By Updated: 27 Feb, 2026 09:50 AM

char dham yatra 2026

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को लेकर धामी सरकार ने तकनीक और सुरक्षा का एक बेहतरीन तालमेल पेश किया है।

Char dham Yatra 2026 : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को लेकर धामी सरकार ने तकनीक और सुरक्षा का एक बेहतरीन तालमेल पेश किया है। इस बार यात्रा मार्ग पर QR Code की व्यवस्था की गई है, जो न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि उन्हें देवभूमि के गौरवशाली इतिहास से भी रूबरू कराएगी।

क्यूआर कोड: अब जेब में होगा इतिहास
चारधाम यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ावों और मंदिरों के बाहर विशेष क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। जब यात्री अपने मोबाइल से इस कोड को स्कैन करेंगे, तो उन्हें उस विशेष स्थान की पौराणिक कथा, ऐतिहासिक महत्व और वहां की वास्तुकला की पूरी जानकारी अपनी भाषा में मिल जाएगी। यह व्यवस्था उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी जो बिना किसी गाइड के यात्रा कर रहे हैं और धामों की गहराई को समझना चाहते हैं।

सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष फोकस
यात्रा को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं। यात्रियों के Registration कार्ड पर भी क्यूआर कोड होगा। चेक-पोस्ट पर इसे स्कैन करते ही प्रशासन के पास डेटा पहुंच जाएगा कि किस धाम में कितने यात्री मौजूद हैं। इससे Crowd Management में आसानी होगी। वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड' अब क्यूआर कोड के जरिए घर बैठे ऑनलाइन प्राप्त किए जा सकेंगे। इसका शुल्क भी क्यूआर कोड स्कैन करके सीधे जमा किया जा सकेगा। केदारनाथ और बद्रीनाथ में हवाई सुरक्षा के लिए दो नए ATC स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि हेलीकॉप्टर सेवाओं की मॉनिटरिंग और भी सटीक हो सके। मंदिर परिसरों की गरिमा बनाए रखने के लिए इस बार गर्भगृह और मुख्य मंदिर परिसर में मोबाइल ले जाने और रील बनाने पर सख्त पाबंदी रहेगी।

यात्रा 2026 का शेड्यूल
यदि आप भी इस वर्ष यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन तारीखों का ध्यान रखें:

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026 अक्षय तृतीया को कपाट खुलेंगे।

केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026 को कपाट खुलने की संभावना है।

बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026 को कपाट खुलेंगे।

पंजीकरण के नियम
बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं होगी। यात्री registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन या ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे केंद्रों पर ऑफलाइन पंजीकरण करा सकते हैं।

विशेष टिप: इस बार ऑनलाइन पंजीकरण के लिए एक छोटा शुल्क (Fees) भी लागू किया जा सकता है, जिसकी घोषणा जल्द ही होने वाली है।

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