Edited By Sarita Thapa,Updated: 06 Nov, 2026 03:55 PM

हिंदू धर्म में धनतेरस का पर्व बहुत खास और शुभ माना जाता है। दिवाली से पहले आने वाले इस त्योहार के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो जाती है। इस दिन लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, दीपक जलाते हैं और सोना-चांदी,बर्तन या अन्य शुभ वस्तुओं की...
Dhanteras Bhog Offerings 2026 : हिंदू धर्म में धनतेरस का पर्व बहुत खास और शुभ माना जाता है। दिवाली से पहले आने वाले इस त्योहार के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो जाती है। इस दिन लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, दीपक जलाते हैं और सोना-चांदी,बर्तन या अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और परिवार के सदस्यों को आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है। धनतेरस पर केवल मां लक्ष्मी और बगवान कुबेर की ही पूजा नहीं की जाती, बल्कि भगवान धन्वंतरि, भगवान गणेश और यमराज की आराधना का विशेष महत्व है। इस दिन अलग-अलग देवी-देवताओं को उनकी प्रिय मानी जाने वाली चीजों का भोग लगाने की परंपरा है। तो आइए जानते हैं कि धनतरेस पर किस देवता को कौन सा भोग लगाना शुभ माना जाता है।
भगवान धन्वंतरि
समुद्र मंथन के दौरान हाथ में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और स्वास्थ्य का देवता माना जाता है। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि को पीली मिठाइयां का भोग लगाएं। इसके साथ ही कौंजी या सूखा धनिया और गुड़ अर्पित करना बेहद फलदायी माना जाता है। धनिया को समृद्धि और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे धन्वंतरि देव को चढ़ाने से परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य उत्तम रहता है।
मां लक्ष्मी
धनतेरस की शाम को मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है ताकि घर में वर्ष भर धन का प्रवाह बना रहे। मां लक्ष्मी को सफेद रंग की चीजें बहुत प्रिय हैं। पूजा के दौरान उन्हें मखाने की खीर, सफेद बर्फी, बताशे और लाया का भोग लगाएं। बताशे और कील नए अनाज का प्रतीक होते हैं। इन्हें अर्पित करने से घर के अन्न भंडार और धन-दौलत में कभी कमी नहीं आती।
भगवान कुबेर
शास्त्रों में भगवान कुबेर को देवों का कोषाध्यक्ष माना गया है। धनतेरस पर इनकी कृपा से अचल संपत्ति और व्यापार में अपार सफलता मिलती है। कुबेर देव को धनिया की पंजीरी, मेवे की खीर और बुंदी के लड्डू बहुत पसंद हैं। कुबेर देव को मीठे का भोग लगाने से रुका हुआ धन वापस मिलता है और आय के नए स्रोत बनते हैं।
यमराज
धनतेरस की रात दक्षिण दिशा में यमदेव के नाम का दीपक जलाया जाता है। यमराज को प्रसन्न करने के लिए गुड़ और काले तिल का भोग अर्पित करें या इसे दीये के पास रखें। इससे परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है और घर की नकारात्मकता समाप्त होती है।
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