Edited By Jyoti,Updated: 20 Oct, 2022 12:51 PM

हिंदू धर्म से संबंध रखने वाले लगभग लोग जानते ही हैं कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पड़ने वाला दिवाली का त्योहार सनातन धर्म के समस्त प्रमुख पर्वो में से एक है। धार्मिक ग्रंथों की मानें तो दिवाली के दिन देवी लक्ष्मी धरती पर विचरण...
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हिंदू धर्म से संबंध रखने वाले लगभग लोग जानते ही हैं कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पड़ने वाला दिवाली का त्योहार सनातन धर्म के समस्त प्रमुख पर्वो में से एक है। धार्मिक ग्रंथों की मानें तो दिवाली के दिन देवी लक्ष्मी धरती पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों के घर में निवास कर उन्हें धन व ऐश्वर्य प्राप्ति का वरदान देती है। बता दें दिवाली के साथ-साथ कार्तिक मास में आने वाला धनतेरस का पर्व धन-धान्य से संबंध रखता है। अतः इन दोनों दिन लोग विधि वत रूप से पूजा अर्चना करते हैं। बता दें जहां दिवाली के दिन धन के देवी मां लक्ष्मी की आराधना का विधान है तो वहीं धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर देव तथा भगवान धन्वन्तरि की पूजा का महत्व है। परंतु कुछ लोग जाने-अनजाने में कई ऐसे काम कर लेते हैं जिनकी वजह से उन्हें दुष्प्रभाव प्राप्त होता है। तो आइए आज आपको बताते हैं कार्तिक मास के इन दो खास पर्वो के दौरान व्यक्ति को किन कामों को करने से बचना चाहिए।

कभी भी दीवाली के दिन देर तक न सोएं। माना जाता है कि इस दिन सुबह यानी ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर को धन से भर देती हैं। तो दोस्तों मां की कृपा पाने के लिए इस दिन सुबह जल्दी उठकर मां की पूजा आराधना करें।
दिवाली के दिन शाम के समय कभी नहीं सोना चाहिए। माना जाता है इस दिन शाम के समय सोने से घर में दरिद्रता आती है और लक्ष्मीि रूठकर वापिस चली जाती हैं।

अक्सर देखा जाता है दिवाली के दिन, लोग शराब का सेवन कर लेते हैं। लेकिन ऐसा कभी भी नहीं करना चाहिए। इस दिन किसी भी तरह के नशे से दूर रहना चाहिए। इस पवित्र पर्व पर मदिरा, मास आदि का सेवन करने से घर में गरीबी-दरिद्रता आती है।
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इस दिन भूलकर भी बड़ों का अपमान नहीं करना चाहिए। कैसे भी हालत क्यों न हो। दिवाली के शुभ दिन पर बड़ों का अपमान करने से मां लक्ष्मीा रूठ जाती है। इस दिन बड़ों की सेवा करने से सुख-समृद्धि मिलती है।
दिवाली के दिन लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहिए और न ही घर में क्लेश करना चाहिए। दिवाली के दिन जिस घर में कलह होता है उस घर में मां लक्ष्मी नहीं आती और न ही उनकी कृपा मिलती है।

वैसे तो दिवाली के त्योहार पर हर कोई अपने घर की साफ-सफाई करता है लेकिन अगर किसी के घर में सफाई न हो वहां देवी लक्ष्मी चरण नहीं डालती। धार्मिक ग्रंथो में भी इस बात का वर्णन है कि जहां साफ-सफाई होती है वहां देवी-देवताओं का वास होता है। कहा जाता है कि मां लक्ष्मीा वहीं आती हैं जहां साफ-सफाई हो। इसके साथ ही घर के बाहर रंगोली भी बनानी चाहिए। फूलों की माला और दियों से घर को सजाना भी बहुत ही शुभ माना जाता है।
इस दिन किसी पर भी क्रोध नहीं करना चाहिए। ये खुशियों और रोशनी का त्योीहार है। इसी की तरह ही हमें खुशी से चहकते रहना चाहिए। अपने गुस्सेे पर काबू रखना चाहिए। इस दिन क्रोध करने से महालक्ष्मी आपसे नाराज़ हो जाती है और ऐसे लोगों के घर में अंशाति का वातावरण बना रहता है।