Edited By Rohini Oberoi,Updated: 13 Jan, 2026 09:51 AM

राजस्थान में अवैध शराब की तस्करी और जहरीली शराब के बढ़ते खतरे को देखते हुए आबकारी विभाग ने एक बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। अब कोई भी व्यक्ति शराब खरीदने से पहले अपने मोबाइल फोन के जरिए उसकी शुद्धता और प्रामाणिकता की जांच कर सकेगा। इसके लिए विभाग ने...
नेशनल डेस्क। राजस्थान में अवैध शराब की तस्करी और जहरीली शराब के बढ़ते खतरे को देखते हुए आबकारी विभाग ने एक बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। अब कोई भी व्यक्ति शराब खरीदने से पहले अपने मोबाइल फोन के जरिए उसकी शुद्धता और प्रामाणिकता की जांच कर सकेगा। इसके लिए विभाग ने 'सिटीजन एप' (Citizen App) को खास तौर पर तैयार किया है। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य आम जनता को नकली शराब के जानलेवा खतरे से बचाना और अवैध शराब के काले कारोबार पर लगाम लगाना है।
कैसे काम करता है 'सिटीजन एप'?
शराब की हर बोतल पर आबकारी विभाग का एक होलोग्राम स्टीकर लगा होता है। इस स्टीकर में एक क्यूआर (QR) कोड होता है जो उस बोतल की 'जन्म कुंडली' की तरह काम करता है। उपभोक्ता जैसे ही एप के जरिए बोतल पर लगे कोड को स्कैन करेंगे उनके मोबाइल स्क्रीन पर सारी जानकारी आ जाएगी। यदि किसी कारणवश कैमरा स्कैन नहीं कर पा रहा है तो क्यूआर कोड के नीचे लिखे नंबर को मैन्युअल तरीके से एप में दर्ज करके भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
स्कैन करते ही मिलेंगी ये जानकारियां
जैसे ही आप कोड स्कैन करेंगे आपको निम्नलिखित विवरण दिखाई देंगे जिससे आप असली और नकली का फर्क समझ पाएंगे:
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ब्रांड का नाम: बोतल पर जो लेबल लगा है क्या एप में भी वही नाम दिख रहा है?
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MRP (कीमत): शराब की आधिकारिक सरकारी कीमत क्या है।
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पैकिंग और बैच नंबर: बोतल किस तारीख को बनी और उसका बैच नंबर क्या है।
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निर्माता कंपनी: शराब किस फैक्ट्री में तैयार की गई है।
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साइज: क्या बोतल की मात्रा (जैसे 750ml या 180ml) एप के डेटा से मेल खाती है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बड़ा कदम
अलवर की जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन ने बताया कि अक्सर तस्कर पुरानी बोतलों में नकली या मिलावटी शराब भरकर बेचते हैं जो जानलेवा साबित हो सकती है। सिटीजन एप के माध्यम से उपभोक्ता खुद एक 'इंस्पेक्टर' की भूमिका निभा सकेंगे। यदि स्कैन करने पर जानकारी मैच नहीं होती, तो समझ लें कि शराब संदिग्ध है।
डाउनलोड कैसे करें? यह एप गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) पर मुफ्त उपलब्ध है। कोई भी नागरिक इसे आसानी से इंस्टॉल कर सकता है।