Edited By Sarita Thapa,Updated: 15 Jun, 2026 11:47 AM

हिंदू धर्म में गायत्री जयंती का बहुत खास महत्व है। हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर माता गायत्री जयंती मनाई जाती है। निर्जला एकदाशी के दिन पड़ने के कारण इसका महत्व और भी कई गुना बढ़ जाता है।
Gayatri Jayanti 2026 : हिंदू धर्म में गायत्री जयंती का बहुत खास महत्व है। हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर माता गायत्री जयंती मनाई जाती है। निर्जला एकदाशी के दिन पड़ने के कारण इसका महत्व और भी कई गुना बढ़ जाता है। माता गायत्री को ज्ञान और बुद्धि की देवी कहा जाता है। उन्हें माता पार्वती, सरस्वती और देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से माता गायत्री की पूजा करने और उनके मंत्रों का जाप करने से जीवन में आने वाली सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। तो आइए जानते हैं गायत्री जयंती के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
गायत्री जयंती 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जून को शाम 06 बजकर 12 मिनट से होगी और इस एकादशी तिथि का समापन 25 जून को रात 08 बजकर 09 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, इस साल गायत्री जयंती 25 जून को मनाई जाएगी।
गायत्री जयंती पूजा विधि
गायत्री जयंती पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
फिर घर के मंदिर की सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें और व्रत का संकल्प लें।
अब एक चौकी पर माता गायत्री की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और उन्हें फूल, अक्षत, रोली, चंदन और मिठाई चढ़ाएं।
उसके बाद गायत्री माता का ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का जाप करें।
अंत में उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं और आरती करें।

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