Edited By Prachi Sharma,Updated: 26 Feb, 2026 03:47 PM

Holi Bhai Dooj : भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भाई दूज वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहली बार दिवाली के बाद और दूसरी बार होली के ठीक बाद। चैत्र मास की द्वितीया तिथि को मनाई जाने वाली इस भाई दूज को होली भाई दूज या भ्रातृ द्वितीया...
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Holi Bhai Dooj : भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भाई दूज वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहली बार दिवाली के बाद और दूसरी बार होली के ठीक बाद। चैत्र मास की द्वितीया तिथि को मनाई जाने वाली इस भाई दूज को होली भाई दूज या भ्रातृ द्वितीया कहा जाता है। साल 2026 में होली भाई दूज का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इस बार होली के ठीक पहले चंद्र ग्रहण का योग बन रहा है। आइए जानते हैं साल 2026 में होली भाई दूज की सटीक तिथि, शुभ मुहूर्त और इसका धार्मिक महत्व।
होली भाई दूज 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, होली के अगले दिन यानी चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज मनाई जाती है। साल 2026 में होली 4 मार्च को खेली जाएगी, जिसके अनुसार भाई दूज अगले दिन होगी।
Bhai Dooj Date भाई दूज तिथि:
द्वितीया तिथि प्रारंभ: 4 मार्च 2026 को रात 10:45 बजे से
द्वितीया तिथि समाप्त: 5 मार्च 2026 को रात 08:32 बजे तक
चूंकि उदयातिथि 5 मार्च को मिल रही है, इसलिए भाई दूज का पर्व पूरे देश में 5 मार्च 2026 को ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।

Pooja Vidhi पूजन विधि
स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और नए या साफ वस्त्र धारण करें।
चौक सजाना: घर के ईशान कोण या पूजा स्थान पर आटा या चावल के घोल से एक छोटा चौक बनाएं।
भाई का स्वागत: भाई को लकड़ी के पाटे पर बिठाएं। ध्यान रहे कि भाई का मुख उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर हो।
तिलक प्रक्रिया: बहन भाई के माथे पर कुमकुम, अक्षत और चंदन का तिलक लगाएं।
आरती और रक्षा सूत्र: भाई के हाथ में कलावा बांधें और उनकी आरती उतारें।
मिठाई और उपहार: भाई का मुंह मीठा कराएं और उन्हें भोजन कराएं। इसके बाद भाई अपनी बहन को सामर्थ्य अनुसार उपहार या दक्षिणा देते हैं।
