Edited By Prachi Sharma,Updated: 14 Mar, 2026 10:45 AM

Kailash Mansarovar Yatra 2026 : कैलाश मानसरोवर की पावन यात्रा पर जाने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आ रही है। लंबे समय से इस यात्रा की राह देख रहे भक्तों का इंतजार जल्द ही खत्म होने की संभावना है।
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Kailash Mansarovar Yatra 2026 : कैलाश मानसरोवर की पावन यात्रा पर जाने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आ रही है। लंबे समय से इस यात्रा की राह देख रहे भक्तों का इंतजार जल्द ही खत्म होने की संभावना है।
अप्रैल में शुरू हो सकता है पंजीकरण
ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी अप्रैल माह में यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि दिल्ली में होने वाली आगामी उच्च स्तरीय बैठक के बाद होगी। इस बैठक में यात्रा की तारीखों, सुरक्षा इंतजामों और रूट पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
यात्रा का रूट और मार्ग
सूत्रों के अनुसार, इस बार भी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुराने और प्रचलित रास्तों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। दिल्ली से अल्मोड़ा, धारचूला, लिपुलेख दर्रा होते हुए तिब्बत (चीन) में प्रवेश। गंगटोक और नाथुला दर्रा के माध्यम से यात्रा।
समय और संभावित खर्च
कैलाश मानसरोवर की यह आध्यात्मिक यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण और लंबी होती है। पूरी यात्रा को संपन्न करने में लगभग 22 से 25 दिन का समय लगता है। एक यात्री का अनुमानित खर्च 1.5 लाख से 3 लाख रुपये के बीच रह सकता है।
तैयारी और नई व्यवस्थाएं
सरकार का मुख्य फोकस यात्रियों की सुरक्षा और सुगम अनुभव पर है। दिल्ली की बैठक में कुछ नए सुधारों पर भी चर्चा हो सकती है ताकि दुर्गम रास्तों पर श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो। चूंकि सीटें सीमित होती हैं, इसलिए पंजीकरण शुरू होते ही आवेदकों को सक्रिय रहना होगा।
धार्मिक महत्व
कैलाश मानसरोवर को हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म में बेहद पवित्र स्थान प्राप्त है। तिब्बत की दुर्गम पहाड़ियों के बीच यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रकृति के अद्भुत दृश्यों से रूबरू होने का एक जरिया भी है।