Edited By Prachi Sharma,Updated: 14 Jan, 2026 04:00 PM

Magh Gupt Navratri 2026 : हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। वर्ष में चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें से दो प्रत्यक्ष चैत्र और शारदीय होती हैं और दो गुप्त माघ और आषाढ़ होती हैं
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Magh Gupt Navratri 2026 : हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। वर्ष में चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें से दो प्रत्यक्ष चैत्र और शारदीय होती हैं और दो गुप्त माघ और आषाढ़ होती हैं। माघ मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली गुप्त नवरात्रि तंत्र-मंत्र की साधना और कठिन संकल्पों को सिद्ध करने के लिए विशेष मानी जाती है। 19 जनवरी 2026 से माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है। यदि आप अपनी विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति चाहते हैं, तो इन नौ दिनों में कुछ विशिष्ट और चमत्कारी मंत्रों का जाप आपके जीवन को बदल सकता है।
गुप्त नवरात्रि का महत्व
प्रत्यक्ष नवरात्रि में सात्विक पूजा का महत्व होता है, वहीं गुप्त नवरात्रि में साधना गुप्त रूप से की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान की जाने वाली पूजा जितनी गोपनीय होती है, उसका फल उतना ही अधिक मिलता है। यह समय उन लोगों के लिए सर्वोत्तम है जो मानसिक कष्टों, शत्रु बाधा या आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
दस महाविद्याओं को प्रसन्न करने के मंत्र
ॐ क्रीं कालिकायै नमः।
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं हूं फट्।
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुरायै नमः।
ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः।
श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा।
ॐ ह्रीं भैरवी कलौं ह्रीं स्वाहा।
धूं धूं धूमावती ठः ठः।
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी फट् स्वाहा।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कमलायै नमः।

Precautions and rules during chanting जप के दौरान सावधानियां और नियम
अपनी साधना और मंत्रों के बारे में किसी को न बताएं। यहां तक कि परिवार के सदस्यों को भी अपनी विशेष पूजा का आभास न होने दें।
इन नौ दिनों में पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें। सात्विक भोजन ग्रहण करें। लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन का त्याग करें।
मंत्र जप के लिए मध्यरात्रि का समय सबसे उत्तम माना जाता है। जप के लिए रुद्राक्ष या कमलगट्टे की माला का प्रयोग करें।
यदि संभव हो तो नौ दिनों तक माता के सामने घी का अखंड दीपक जलाएं।
