Edited By Prachi Sharma,Updated: 08 Feb, 2026 11:01 AM

Mahashivratri Aparajita Flower Upay : महाशिवरात्रि का पर्व शिव और शक्ति के मिलन का उत्सव है। इस पावन अवसर पर की गई पूजा-अर्चना न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि जीवन की भौतिक बाधाओं को दूर करने में भी सहायक होती है। ज्योतिष शास्त्र और...
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Mahashivratri Aparajita Flower Upay : महाशिवरात्रि का पर्व शिव और शक्ति के मिलन का उत्सव है। इस पावन अवसर पर की गई पूजा-अर्चना न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि जीवन की भौतिक बाधाओं को दूर करने में भी सहायक होती है। ज्योतिष शास्त्र और शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव को समर्पित विभिन्न फूलों का अपना विशेष महत्व है। इनमें अपराजिता का फूल अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। अपराजिता का अर्थ है जिसे कोई पराजित न कर सके। नीले रंग के इस फूल का शिव पूजा में प्रयोग आपके करियर में आने वाली बाधाओं को दूर कर पदोन्नति और मान-सम्मान के द्वार खोलता है। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर अपराजिता के फूल के विशेष उपायों के बारे में:
अपराजिता फूल का महत्व और करियर का संबंध
अपराजिता का फूल मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को तो प्रिय है ही, लेकिन भगवान शिव पर इसे अर्पित करने से शनि और राहु के दोषों का शमन होता है। करियर में तरक्की रुकने का मुख्य कारण अक्सर कुंडली में शनि की प्रतिकूल स्थिति या कार्यक्षेत्र में शत्रुओं का प्रभाव होता है। अपराजिता के उपाय इन नकारात्मक प्रभावों को खत्म कर सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
प्रमोशन के लिए महाशिवरात्रि विशेष उपाय
महाशिवरात्रि की रात में भगवान शिव को 108 नीले अपराजिता के फूल अर्पित करें। प्रत्येक फूल अर्पित करते समय "ॐ नमः शिवाय" या "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का जाप करें। यह उपाय आपकी प्रोफेशनल लाइफ में आ रही रुकावटों को दूर करता है। यदि ऑफिस में कोई आपकी प्रगति रोक रहा है, तो 5 अपराजिता के फूल लें और उन्हें शिवलिंग पर चढ़ाकर अपनी प्रार्थना कहें। इसके बाद उन फूलों को जल में प्रवाहित कर दें।
आर्थिक समृद्धि और पद-प्रतिष्ठा के लिए
महाशिवरात्रि के दिन गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें और अंत में तीन अपराजिता के फूल शिवलिंग के शिखर पर अर्पित करें। माना जाता है कि इससे दरिद्रता दूर होती है और व्यक्ति को समाज में ऊंचा पद प्राप्त होता है। पूजा के बाद एक नीले अपराजिता के फूल को साफ कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या कार्यस्थल की दराज में रखें। यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
महाशिवरात्रि पर पूजा की सही विधि
महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और सफेद या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। महादेव के समक्ष व्रत और पूजन का संकल्प लें। पहले शिवलिंग को जल, दूध, दही, शहद और घी से स्नान कराएं। महादेव को बेलपत्र और शमी पत्र चढ़ाएं। इसके बाद नीले अपराजिता के फूलों की माला पहनाएं या एक-एक करके अर्पित करें। गाय के घी का दीपक जलाएं और शिव चालीसा का पाठ करें।
कार्यक्षेत्र में सफलता के अन्य सूक्ष्म उपाय
यदि संभव हो तो महाशिवरात्रि पर एक पांच मुखी रुद्राक्ष को अपराजिता के फूलों के साथ स्पर्श कराकर धारण करें। यह निर्णय लेने की क्षमता में सुधार लाता है। शिव पूजा के बाद नंदी के कानों में अपनी पदोन्नति की मनोकामना कहें और उनके चरणों में भी एक अपराजिता का फूल रखें।