Edited By Prachi Sharma,Updated: 13 Jan, 2026 03:53 PM

Makar Sankranti 2026 : मकर संक्रांति का पर्व केवल सूर्य देव की उपासना का ही नहीं, बल्कि महादेव की कृपा प्राप्त करने का भी एक दुर्लभ अवसर है। जब सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं, तो इस काल को उत्तरायण कहा...
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Makar Sankranti 2026 : मकर संक्रांति का पर्व केवल सूर्य देव की उपासना का ही नहीं, बल्कि महादेव की कृपा प्राप्त करने का भी एक दुर्लभ अवसर है। जब सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं, तो इस काल को उत्तरायण कहा जाता है। शास्त्रों में उत्तरायण को देवताओं का दिन माना गया है। 2026 में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर यदि आप शिवलिंग पर कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करते हैं, तो न केवल आपके जीवन के कष्ट दूर होंगे, बल्कि मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलेगी।

काले तिल:
मकर संक्रांति पर तिल का महत्व जगजाहिर है लेकिन शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करना विशेष फलदायी होता है। तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े काले तिल मिलाएं और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए शिवलिंग पर धार बनाएं। चूंकि सूर्य देव अपने पुत्र शनि के घर जा रहे होते हैं, इसलिए काले तिल चढ़ाने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैया के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। यह जीवन में आने वाली आकस्मिक बाधाओं और शारीरिक कष्टों को दूर करने का अचूक उपाय है।
गन्ने का रस
मकर संक्रांति फसल कटाई के उत्सव से भी जुड़ी है, और इस समय गन्ने की फसल प्रमुख होती है। शिवलिंग पर गन्ने के रस से अभिषेक करें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गन्ने के रस से शिव का अभिषेक करने से दरिद्रता का नाश होता है। यदि आप लंबे समय से आर्थिक तंगी या कर्ज से परेशान हैं, तो यह उपाय आपके जीवन में सुख-समृद्धि के द्वार खोलता है।
कच्चा दूध और शहद
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और बेचैनी एक आम समस्या बन गई है। चंद्रमा मन का कारक है और शिव ने चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण किया है। शिवलिंग पर ठंडे कच्चे दूध में थोड़ा शहद मिलाकर अभिषेक करें। दूध चंद्रमा को शांत करता है और शहद जीवन की कड़वाहट को दूर करता है। इस उपाय से मन को शांति मिलती है, एकाग्रता बढ़ती है और डिप्रेशन व तनाव जैसे विकारों से मुक्ति मिलती है।

बेलपत्र और शमी पत्र: शत्रुओं पर विजय और सफलता
मकर संक्रांति पर महादेव को उनके प्रिय पत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। 11 या 21 बेलपत्रों पर चंदन से राम लिखें और शमी के पत्तों के साथ शिवलिंग पर चढ़ाएं। बेलपत्र ज्ञान की वृद्धि करता है, जबकि शमी पत्र शनिदेव और शिव दोनों को प्रिय है। इस उपाय से करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
घी और शक्कर
यदि परिवार में कोई लंबे समय से बीमार है या शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होती है, तो यह अभिषेक फलदायी है। शिवलिंग पर गाय के शुद्ध घी से लेपन करें और फिर शक्कर मिश्रित जल चढ़ाएं। इसे रोग नाशक उपाय माना जाता है। इससे पुरानी बीमारियों में सुधार होता है और शरीर का तेज बढ़ता है।
