Motivational Story :  मूड का गुलाम या संस्कारों का राजा ? चुनिए आप कौन सा जीवन जीना चाहते हैं

Edited By Updated: 09 Jan, 2026 02:39 PM

motivational story

एक साधु अपने शिष्य के साथ नदी में स्नान करने गए थे। तभी अचानक एक बिच्छू जल की धारा में बहता हुआ उनके पास चला आया और साधु ने उसे पानी से निकालने के लिए अपने हाथ पर लेने की कोशिश की।

Motivational Story : एक साधु अपने शिष्य के साथ नदी में स्नान करने गए थे। तभी अचानक एक बिच्छू जल की धारा में बहता हुआ उनके पास चला आया और साधु ने उसे पानी से निकालने के लिए अपने हाथ पर लेने की कोशिश की। बिच्छू ने साधु के हाथ पर तेज डंक का प्रहार किया और हाथ छुड़वाकर कहीं दूर जा गिरा।

यह क्रम कई बार चला और अंतत: साधु ने बिच्छू को किनारे पर पहुंचा दिया। बिच्छू को बचाने की कोशिश में साधु के हाथ में कई डंक लग चुके थे। उनका शिष्य जो साथ में स्नान करने आया था  वह सारी घटना देख रहा था। वह बोला, ‘‘गुरु जी, जब यह बिच्छू बार-बार आपको डंक मार रहा था तो फिर आपने उसे इतने डंक खाकर क्यों पानी से  बाहर निकाला?’’

साधु ने कहा, ‘‘यह तो उस बिच्छू का स्वभाव है, वह डंक ही मारेगा और स्वभाव को छोड़ना उसके लिए संभव नहीं।’’ 

शिष्य बोला तो फिर आप तो उसको बचाना छोड़ सकते थे। साधु मुस्कुराए और बोले, ‘‘जब बिच्छू जैसे प्राणी ने अपना स्वभाव नहीं छोड़ा तो फिर मैं क्यों साधु होकर अपना स्वभाव व संस्कार त्याग देता और बिच्छू को न बचाता।’’ यह सुनकर शिष्य संतुष्ट हो गया।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!