Premanand Maharaj ji : सावधान ! बिस्तर पर नाम जप करने से पहले सुन लें प्रेमानंद महाराज की ये बात, कहीं आप तो नहीं कर रहे गलती

Edited By Updated: 01 Feb, 2026 10:56 AM

premanand maharaj ji

बिस्तर पर लेटकर भगवान का नाम जप करना सही है या गलत, इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में दुविधा रहती है। पूज्य प्रेमानंद महाराज जी, जिनका मार्गदर्शन आज लाखों लोगों के जीवन को नई दिशा दे रहा है, ने इस विषय पर बहुत ही सरल और स्पष्ट समाधान दिया है।

Premanand Maharaj Chanting Rules : बिस्तर पर लेटकर भगवान का नाम जप करना सही है या गलत, इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में दुविधा रहती है। पूज्य प्रेमानंद महाराज जी, जिनका मार्गदर्शन आज लाखों लोगों के जीवन को नई दिशा दे रहा है, ने इस विषय पर बहुत ही सरल और स्पष्ट समाधान दिया है। महाराज जी के अनुसार, भक्ति और नाम जप के लिए मन की शुद्धता क्रिया की शारीरिक अवस्था से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। 

Premanand Maharaj Chanting Rules

बिस्तर पर नाम जप: क्या कहता है शास्त्र ?
अक्सर हमें सिखाया जाता है कि पूजा-पाठ हमेशा साफ आसन पर बैठकर ही करना चाहिए। लेकिन प्रेमानंद महाराज जी का कहना है कि 'नाम जप' एक ऐसी साधना है जिसके लिए किसी खास जगह या समय की पाबंदी नहीं होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से बीमार है या बैठने में असमर्थ है, तो वह बिस्तर पर लेटकर भी भगवान का नाम ले सकता है। भगवान भाव देखते हैं, आपकी शारीरिक मुद्रा नहीं। महाराज जी कहते हैं कि सोते समय अंतिम विचार भगवान का होना चाहिए। यदि आप बिस्तर पर लेटे-लेटे जप करते हैं और उसी अवस्था में नींद आ जाती है, तो वह पूरी रात आपकी साधना में ही गिनी जाती है।

Premanand Maharaj Chanting Rules

सावधानी और मर्यादा
आलस्य से बचें: यदि आप स्वस्थ हैं और बैठ सकते हैं, तो आलस्य के कारण बिस्तर पर लेटकर जप करना उचित नहीं है। रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर बैठने से एकाग्रता बढ़ती है।

अपवित्रता का भाव न रखें: बिस्तर को अशुद्ध नहीं मानना चाहिए क्योंकि नाम जप स्वयं में परम पावन है जो हर वस्तु को शुद्ध कर देता है।

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