Edited By Prachi Sharma,Updated: 15 Jan, 2026 10:28 AM

Ram Mandir Ayodhya : राम मंदिर में प्रतिदिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं को जूता-चप्पल,...
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Ram Mandir Ayodhya : राम मंदिर में प्रतिदिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं को जूता-चप्पल, मोबाइल और अन्य सामान जमा करने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और उन्हें लंबा इंतजार भी न करना पड़े।
रामजन्मभूमि परिसर के दक्षिण-पूर्वी कोने में स्थित गणेश मंदिर के पास एक नया जूता-चप्पल घर बनकर तैयार हो गया है। इसके अलावा यात्री सुविधा केंद्र के सामने एक बड़ा लाकर रूम भी बनाया जा रहा है। भवन का निर्माण पूरा हो चुका है और फिलहाल फिनिशिंग व सफाई का काम चल रहा है। इस लाकर रूम में लगभग पांच हजार लॉकर रखने की क्षमता होगी।
प्राण प्रतिष्ठा के समय ट्रस्ट द्वारा तीन यात्री सेवा केंद्र और एक यात्री सुविधा केंद्र पहले ही तैयार कराए जा चुके हैं, जहां जूता-चप्पल, मोबाइल और अन्य सामान रखने के लिए बड़ी संख्या में लॉकर उपलब्ध हैं। इन सभी व्यवस्थाओं को मिलाकर कुल क्षमता लगभग 50 हजार लॉकरों की है।
वर्तमान में सामान्य श्रद्धालुओं के जूता-चप्पल यात्री सुविधा केंद्र के सामने लगी रैक में रखवाए जाते हैं, जबकि विशिष्ट और सुगम दर्शन करने वालों के लिए परिसर के अंदर महाद्वार के पास टेंट की व्यवस्था की गई है।
हालांकि, पर्वों और विशेष अवसरों पर जब श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक हो जाती है, तब ये लॉकर कम पड़ने लगते हैं। पिछले वर्ष प्रयागराज महाकुंभ के दौरान प्रतिदिन तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के आगमन से यही स्थिति बनी थी। कई बार तो सामान्य दर्शनार्थियों को मोबाइल और सामान के साथ ही दर्शन की अनुमति देनी पड़ी थी।
फरवरी से पूरक मंदिरों और सप्तर्षि मंदिरों में भी दर्शन शुरू होने जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने पहले से ही अतिरिक्त व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं।
अंगद टीले पर यात्री सुविधा केंद्र के सामने बन रहे नए लाकर रूम और जूता-चप्पल घर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। फिनिशिंग कार्य के बाद यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी, जिससे प्रतिदिन तीन से चार लाख श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के रामलला के दर्शन कर सकेंगे।