सीतामढ़ी में स्थापित की जाएगी सीता मां की सबसे ऊंची प्रतिमा

Edited By Updated: 14 Feb, 2022 12:28 PM

the tallest statue of sita maa will be installed in sitamarhi

मां सीता देवी के जन्म स्थान सीतामढ़ी में सीता देवी की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा 251 मीटर ऊंची बनाने की योजना है। सर्किट हाउस में ‘रामायण रिसर्च काउंसिल’ द्वारा

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सीतामढ़ी (नवोदय टाइम्स): मां सीता देवी के जन्म स्थान सीतामढ़ी में सीता देवी की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा 251 मीटर ऊंची बनाने की योजना है। सर्किट हाउस में ‘रामायण रिसर्च काउंसिल’ द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी गई। काउंसिल प्रतिमा स्थापना के लिए ‘श्रीभगवती सीता तीर्थ क्षेत्र समिति’ का भी गठन किया है। जिसकी अध्यक्षता स्थानीय सांसद सुनील कुमार पिंटू कर रहे हैं। सांसद ने बताया कि शीघ्र ही 10 एकड़ भूमि को चिन्हित किया जाएगा। रामायण रिसर्च काउंसिल के मुख्य मार्गदर्शक परमहंस स्वामी सांदीपेंद्र महाराज (मध्य प्रदेश में नलखेड़ा स्थित बगलामुखी माता मंदिर प्रांगण के श्रीमहंत) हैं।

सांसद ने बताया कि प्रतिमा स्थापना अनुष्ठान में समन्वय और क्रियान्वयन के लिए वित्त, नगर विकास, वन, पर्यावरण, पर्यटन व संस्कृति, लोकनिर्माण, सिंचाई, ऊर्जा, औद्योगिक और आवास विभाग से एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने हेतु आग्रह किया जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान मां सीता डॉट कॉम वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया। प्रतिमा स्थापना की हर जानकारी समय-समय पर वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि देश विदेश के लोग भी इस विषय से अवगत होते रहें।

नौका विहार से होंगे 108 प्रतिमाओं के दर्शन 
प्रेस वार्ता में रामायण रिसर्च काउंसिल के नेशनल कोऑर्डिनेटर तथा जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर हिमालयन योगी स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज, काउंसिल के संस्थापक एवं महासचिव कुमार सुशांत, उपाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने बताया कि प्रतिमा के चारों ओर वृताकार रूप में भगवती सीताजी की 108 प्रतिमाएं होंगी जो उनके जीवन-दर्शन को वर्णित करेंगी।। इन प्रतिमाओं के दर्शन के लिए इस स्थल को नौका-विहार के लिए विकसित किया जाएगा। यहां एक डिजिटल-म्यूजियम, शोध संस्थान तथा अध्ययन केंद्र भी बनाया जाएगा। सुशांत ने बताया कि इस पवित्र परिसर में सभी देवी-देवता अपने अद्भुत रूप में स्थापित होंगे। श्रीतुलसीदासजी, श्रीवाल्मिकीजी, श्रीकेवटजी समेत रामायण के प्रमुख पात्रों की प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कई शक्तिपूर्ण स्थानों जैसे- नलखेड़ा (मप्र) में मां बगलामुखी माताजी की ज्योत लाकर इस स्थल को एक पर्यटक एवं शक्ति-स्थल के रूप में विकसित करने का उद्देश्य है। इंटरप्रेटेशन सेंटर, लाइब्रेरी, पार्किंग, फूड प्लाजा, लैंडस्केपिंग के साथ-साथ पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा।

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