Edited By Mehak,Updated: 04 Feb, 2026 06:51 PM

युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बीजेपी विधायक दल द्वारा नेता चुने जाने के बाद राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें औपचारिक रूप से सीएम के रूप में शपथ दिलाई। साथ ही नेमचा किपगेन और लोसी डिखो को मणिपुर के उप मुख्यमंत्री के रूप...
नेशनल डेस्क : मणिपुर में नई सरकार का गठन हो गया है। युमनाम खेमचंद सिंह ने बीजेपी विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसी के साथ, मचा किपगेन और लोसी डिखो ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। लोसी डिखो नागा पीपल्स फ्रंट (NPF) के विधायक हैं।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन और पिछली घटनाएं
पिछले साल मणिपुर में जातीय हिंसा के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। 9 फरवरी को इस्तीफे के चार दिन बाद, यानी 13 फरवरी से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। हिंसा मुख्य रूप से गैर-आदिवासी मैतेई और आदिवासी कुकी समुदायों के बीच हुई थी।
3 मई, 2023 को मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में आयोजित 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए, लगभग 1,500 लोग घायल हुए और 70,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए।
बीजेपी ने जताई नई सरकार पर भरोसा
बीजेपी ने कहा कि युमनाम खेमचंद सिंह के अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व में मणिपुर अब शांति, विकास और सुशासन की ओर बढ़ेगा। पार्टी ने उम्मीद जताई कि नई सरकार राज्य के लिए स्थिरता और प्रगति के एक नए युग की शुरुआत करेगी।
सरकार गठन के लिए हुई रणनीति बैठकें
बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले कई महीनों में अपने मैतेई और कुकी समुदाय के विधायकों, सहयोगी एनपीएफ और एनपीपी और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ कई दौर की बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि राजनीतिक परिस्थितियां सरकार गठन के लिए अनुकूल हैं या नहीं।