Edited By Prachi Sharma,Updated: 05 Feb, 2026 11:57 AM

Vastu Dosh in Kitchen : वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर केवल भोजन बनाने का स्थान नहीं है बल्कि यह घर की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य का केंद्र भी है। रसोई में दो सबसे महत्वपूर्ण तत्व होते हैं अग्नि और जल। अक्सर जगह की कमी के कारण लोग एक ही स्लैब पर...
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Vastu Dosh in Kitchen : वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर केवल भोजन बनाने का स्थान नहीं है बल्कि यह घर की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य का केंद्र भी है। रसोई में दो सबसे महत्वपूर्ण तत्व होते हैं अग्नि और जल। अक्सर जगह की कमी के कारण लोग एक ही स्लैब पर चूल्हा और सिंक पास-पास रख देते हैं। वास्तु में इसे एक गंभीर वास्तु दोष माना जाता है। अग्नि और जल परस्पर विरोधी तत्व हैं, जब ये एक साथ होते हैं, तो घर की ऊर्जा में असंतुलन पैदा होता है। आइए जानते हैं कि यह दोष जीवन को कैसे प्रभावित करता है और बिना तोड़-फोड़ के इसे दूर करने के क्या उपाय हैं।
चूल्हा और सिंक एक साथ होने के नुकसान
वास्तु शास्त्र में अग्नि और जल का साथ होना द्वंद्व का प्रतीक है। इसके दुष्प्रभाव कुछ इस प्रकार हो सकते हैं। घर के सदस्यों, विशेषकर महिलाओं को पाचन तंत्र या मानसिक तनाव जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। पति-पत्नी और परिवार के सदस्यों के बीच छोटी-छोटी बातों पर अनबन बनी रहती है। जिस तरह पानी आग को बुझा देता है, वैसे ही यह स्थिति धन के प्रवाह में बाधा डालती है और अनावश्यक खर्च बढ़ाती है। घर में चिड़चिड़ापन और अशांति का माहौल बना रहता है।

वास्तु दोष दूर करने के प्रभावी उपाय
बीच में विभाजक का प्रयोग करें
यदि चूल्हा और सिंक एक ही कतार में हैं, तो उनके बीच एक लकड़ी का बोर्ड या कांच का पार्टिशन लगा दें। लकड़ी वायु तत्व का प्रतीक है, जो अग्नि और जल के बीच एक सेतु का काम करती है और उनके टकराव को रोकती है।
पौधों का उपयोग
अग्नि और जल के बीच के संघर्ष को कम करने के लिए उनके बीच एक छोटा मनी प्लांट या कोई भी छोटा इंडोर प्लांट रखें। हरे रंग और जीवित पौधे की ऊर्जा दोनों तत्वों के बीच संतुलन बनाए रखती है।
रंगों का सही चयन
यदि संभव हो, तो चूल्हे और सिंक के बीच की टाइल्स या दीवार पर हरे रंग का प्रयोग करें। इन दोनों के बीच कभी भी लाल या गहरे नीले रंग का अधिक प्रयोग न करें, क्योंकि यह ऊर्जा के टकराव को बढ़ा सकता है।
दूरी बनाए रखें
कोशिश करें कि चूल्हा और सिंक के बीच कम से कम 2 से 3 फीट की दूरी हो। यदि दूरी कम है, तो चूल्हे के नीचे एक हरे रंग का पत्थर रख दें।
तांबे या क्रिस्टल का उपयोग
वास्तु विशेषज्ञ अक्सर चूल्हे और सिंक के बीच तांबे का तार बिछाने या एक क्रिस्टल पिरामिड रखने की सलाह देते हैं। यह नकारात्मक तरंगों को सोख लेता है।
