क्यों किया जाता है कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान?

Edited By Updated: 12 Nov, 2019 10:38 AM

why ganga bath is done on kartik purnima

आज कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है और साथ ही आज कार्तिक माह का अंतिम दिन है।

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आज कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है और साथ ही आज कार्तिक माह का अंतिम दिन है। शास्त्रों में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष दिन माना गया है। कहते हैं कि इस किसी पवित्र नदी में किया गया स्नान इंसान सारे पापों का नाश करता है। इसके साथ किसी पवित्र नदी में दिप दान करना का भी अंतिम दिन होता है। इसलिए इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा पूजा और दर्शन व स्नान करने पहुंचते हैं।
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महत्व
शास्त्रों में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का बड़ा महत्व बताया गया है। इस दिन न केवल गंगा बल्कि अन्य पवित्र नदियों के साथ-साथ तीर्थों में भी स्नान करने की परंपरा है। यमुना, गोदावरी, नर्मदा, गंडक, कुरुक्षेत्र, अयोध्या, काशी में स्नान करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन गंगा स्नान के बाद दान जरूर करना चाहिए। जिसमें संतरा, सेब, शरीफा, उड़द दाल, चावल का दान शुभ माना गया है। अगर आप इस पवित्र दिन में गंगा स्नान के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं तो घर में सुबह नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। 
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गंगा स्नान मुहूर्त: 
12 नवंबर दिन मंगलवार को पूर्णिमा रात्रि 7.13 बजे तक है। 
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 :12 बजे से 11 :55 बजे तक है। 
वहीं गुली काल मुहूर्त दोपहर 11 :33 बजे से 12 :55 बजे तक है। 
इस दिन पुरे दिन गंगा स्नान और विष्णु पूजन किया जा सकेगा।

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