Edited By Parveen Kumar,Updated: 29 Mar, 2026 11:01 PM

अफगानिस्तान के कई हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और आंधी-तूफान ने तबाही मचा दी है। बीते 24 घंटों में इन आपदाओं के कारण कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 अन्य घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह इस...
इंटरनेशनल डेस्क : अफगानिस्तान के कई हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और आंधी-तूफान ने तबाही मचा दी है। बीते 24 घंटों में इन आपदाओं के कारण कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 अन्य घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह इस मौसम में चरम मौसमी घटनाओं से हुई ताजा मौतें हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सर्वेक्षण कार्य जारी है और टीमों की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। देश के 34 प्रांतों में से 13 प्रांत मूसलाधार बारिश और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें पश्चिमी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
भीषण मौसम के चलते व्यापक नुकसान भी हुआ है। करीब 147 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो गए हैं, जबकि लगभग 80 किलोमीटर सड़कें बह गई हैं। इसके अलावा, कृषि भूमि और सिंचाई नहरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका पर संकट गहरा गया है।
इससे पहले भी इस साल की शुरुआत में भारी बर्फबारी और अचानक आई बाढ़ के कारण देश में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। अफगानिस्तान लंबे समय से चरम मौसमी घटनाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील रहा है, जहां बर्फबारी और भारी बारिश अक्सर फ्लैश फ्लड का रूप ले लेती है।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में वसंत ऋतु के दौरान आई आकस्मिक बाढ़ में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि दशकों से जारी संघर्ष, कमजोर बुनियादी ढांचा, आर्थिक चुनौतियां, वन कटाई और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों ने इन आपदाओं को और घातक बना दिया है। खासकर दूरदराज के इलाकों में मिट्टी से बने मकान अचानक आने वाली बाढ़ और बर्फबारी के सामने बेहद असुरक्षित साबित होते हैं।