‘न झुकेंगे, न बिना जीत खत्म होगी जंग’…ईरान का अमेरिका को खुला चैलेंज, दी 'महाविनाश' की चेतावनी!

Edited By Updated: 29 Mar, 2026 11:47 PM

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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए साफ कहा है कि ईरान किसी भी कीमत पर झुकेगा नहीं और यह जंग “जीत के बिना खत्म नहीं होगी।”

इंटरनेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए साफ कहा है कि ईरान किसी भी कीमत पर झुकेगा नहीं और यह जंग “जीत के बिना खत्म नहीं होगी।” उन्होंने आत्मसमर्पण की किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज करते हुए दावा किया कि एक महीने से ज्यादा समय से जारी संघर्ष में ईरान और उसके सहयोगियों ने अमेरिका और उसके साझेदारों को “भारी नुकसान” पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि लेबनान, इराक और यमन में मौजूद प्रतिरोधी ताकतें लगातार मजबूत हो रही हैं।

अमेरिका पर दोहरे रवैये का आरोप

मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने अमेरिका पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ वॉशिंगटन सार्वजनिक तौर पर बातचीत की बात करता है, वहीं दूसरी ओर पर्दे के पीछे सैन्य हमलों की तैयारी करता है। उनके शब्दों में, “दुश्मन बातचीत की बात करता है, लेकिन हमले की योजना बनाता है,” और लोगों को ऐसे बयानों से भ्रमित न होने की चेतावनी दी।

अमेरिका की सैन्य तैयारियां तेज

इस बीच पेंटागन की ओर से ईरान में संभावित जमीनी अभियान की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • हजारों अमेरिकी सैनिक और मरीन पहले से मिडिल ईस्ट में तैनात हैं
  • सीमित लेकिन प्रभावी हमलों की योजना बनाई जा रही है
  • मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस और तटीय ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है

हालांकि अमेरिकी अधिकारी इसे पूर्ण युद्ध नहीं बता रहे, लेकिन “तेज और छोटे ऑपरेशन” कुछ हफ्तों तक चल सकते हैं।

‘आखिरी बड़ा वार’ के विकल्प पर भी विचार

रणनीति में “आखिरी बड़ा वार” जैसे विकल्प भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें खार्ग द्वीप पर कब्जा या नाकाबंदी, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास रणनीतिक ठिकानों पर हमला और  परमाणु ठिकानों से जुड़ी सीमित जमीनी कार्रवाई शामिल हो सकती है।

ईरान की सख्त चेतावनी

मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने साफ संकेत दिया कि ईरान हर स्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दुश्मन के लिए ईरान में घुसना आसान नहीं होगा और मिसाइल हमले जारी रहेंगे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ईरान के दुश्मनों में “डर और घबराहट” है। उन्होंने दो टूक कहा, “जब तक वे ईरान के आत्मसमर्पण की बात करेंगे, जवाब साफ है—हम अपमान स्वीकार नहीं करेंगे।”

‘हर हमले का करारा जवाब’

कालिबाफ ने इस संघर्ष को वैश्विक टकराव का हिस्सा बताते हुए कहा कि ईरान पूरी ताकत और जन समर्थन के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी हमले का जवाब ऐसा दिया जाएगा कि अमेरिका को पछताना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि देश में मजदूरों से लेकर कलाकारों तक हर वर्ग युद्ध के समर्थन में एकजुट है।

बढ़ सकता है बड़ा युद्ध

दूसरी ओर, अमेरिकी सैन्य तैयारियां इस टकराव के और बढ़ने का संकेत दे रही हैं। किसी भी जमीनी अभियान में अमेरिकी सैनिकों को ड्रोन, मिसाइल हमलों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स जैसी ताकतों के कड़े जवाब का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप पहले सैनिक भेजने को लेकर हिचकिचाहट जता चुके हैं, लेकिन अब संकेत हैं कि कूटनीति विफल होने पर अमेरिका तनाव बढ़ाने के लिए तैयार है।

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