Edited By Rohini Oberoi,Updated: 28 Dec, 2025 10:40 AM

ताइवान के उत्तर-पूर्वी तट पर शनिवार रात आए 7.0 तीव्रता के भीषण भूकंप ने पूरे देश को दहला दिया। भूकंप के झटकों से राजधानी ताइपे की बड़ी-बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह हिलने लगीं जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। यह शक्तिशाली भूकंप शनिवार रात 23:05...
Earthquake : ताइवान के उत्तर-पूर्वी तट पर शनिवार रात आए 7.0 तीव्रता के भीषण भूकंप ने पूरे देश को दहला दिया। भूकंप के झटकों से राजधानी ताइपे की बड़ी-बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह हिलने लगीं जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। यह शक्तिशाली भूकंप शनिवार रात 23:05 (11:05 PM) बजे महसूस किया गया। ताइवान की सेंट्रल मौसम एजेंसी (CWA) के अनुसार भूकंप का केंद्र तटीय शहर यिलान से लगभग 32.3 किलोमीटर पूर्व में समुद्र के अंदर स्थित था।
सुनामी का खतरा नहीं, प्रशासन अलर्ट
भूकंप की तीव्रता को देखते हुए नेशनल फायर एजेंसी ने तुरंत राहत और बचाव कार्य का आकलन शुरू किया। राहत की खबर यह है कि मौसम विभाग ने फिलहाल सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार राजधानी ताइपे या यिलान में किसी के हताहत होने या बड़ी इमारतों के गिरने की तत्काल सूचना नहीं मिली है। हालांकि कुछ सुपरमार्केट में सामान गिरने और घरों में दरारें आने की खबरें हैं।
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फायर एजेंसी की सुरक्षित रहने की सलाह
देर रात आए इस भूकंप के बाद फायर एजेंसी ने सोशल मीडिया (X) पर लोगों के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं। झटके महसूस होने पर सबसे पहले खुद को सुरक्षित करें। रात के समय बिस्तर के पास जूते और टॉर्च जरूर रखें ताकि जरूरत पड़ने पर आप मलबे या कांच से बच सकें। जब तक धरती का हिलना पूरी तरह बंद न हो जाए तब तक अपनी जगह से न हिलें।
तीन दिनों में दूसरा बड़ा झटका
ताइवान के लिए पिछला एक हफ्ता काफी डरावना रहा है। शनिवार का यह 7.0 तीव्रता का भूकंप बुधवार को आए 6.1 तीव्रता के भूकंप के महज तीन दिन बाद आया है। बुधवार को आए भूकंप का केंद्र दक्षिण-पूर्वी काउंटी ताइतुंग था। विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार आ रहे इन झटकों से इमारतों की नींव कमजोर हो सकती है।
भूकंप का इतिहास
ताइवान दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों (Seismic Zones) में से एक है। इसी साल अप्रैल में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे विनाशकारी था। उस आपदा में 17 लोगों की जान गई थी और बड़े पैमाने पर भूस्खलन (Landslides) हुआ था।