Edited By Tanuja,Updated: 18 Jan, 2026 04:44 PM

ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की ट्रंप की धमकी को ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने “पूरी तरह गलत” बताया। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और नाटो सहयोगियों पर दबाव से गठबंधन कमजोर होगा।
International Desk: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी की कड़ी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड न बेचने पर यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। स्टारमर ने इस कदम को “पूरी तरह गलत” करार दिया। प्रधानमंत्री स्टारमर ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है और उसका भविष्य तय करने का अधिकार केवल ग्रीनलैंड के लोगों और डेनमार्क को है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा पूरे नाटो गठबंधन का विषय है और रूस से उत्पन्न खतरे का सामना सभी सहयोगियों को मिलकर करना चाहिए। स्टारमर ने कहा, “नाटो की सामूहिक सुरक्षा के लिए काम कर रहे सहयोगी देशों पर टैरिफ लगाना पूरी तरह गलत है। ब्रिटेन इस मुद्दे को अमेरिकी प्रशासन के साथ सीधे उठाएगा।”दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को दावा किया था कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड का नियंत्रण जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डेनमार्क और अन्य यूरोपीय देश ग्रीनलैंड बेचने पर सहमत नहीं होते, तो 1 फरवरी 2026 से 10 प्रतिशत और 1 जून 2026 से 25 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए जाएंगे।
ट्रंप ने अपने बयान में डेनमार्क, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड और फिनलैंड का नाम लेते हुए कहा कि चीन और रूस की बढ़ती दिलचस्पी के कारण ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। हालांकि, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए आत्मनिर्णय के अधिकार पर जोर दिया है। इस बीच, कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में सीमित सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है, जिससे नाटो के भीतर तनाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है।