Edited By Tanuja,Updated: 09 Jun, 2026 01:32 PM

कांगो के पूर्वी हिस्से में फैले इबोला प्रकोप ने गंभीर रूप ले लिया है। एक महीने से भी कम समय में 550 संक्रमण मामलों में से 101 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने हिंसा, अविश्वास और सशस्त्र संघर्ष जैसी बड़ी चुनौतियां हैं।
International Desk: कांगो के पूर्वी क्षेत्र में फैला इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से गंभीर होता जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रकोप घोषित होने के एक महीने से भी कम समय में संक्रमण से मरने वालों की संख्या 101 पहुंच गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अब तक इबोला संक्रमण के कुल 550 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें 101 मरीजों की मौत हो गई है, जबकि केवल 19 लोगों के स्वस्थ होने की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संक्रमितों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है। प्रकोप की पहचान देर से होने और दूरदराज के इलाकों में निगरानी व्यवस्था कमजोर होने के कारण कई मामले दर्ज नहीं हो पाए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित है, जिससे संक्रमण की सही तस्वीर सामने आने में मुश्किल हो रही है।संक्रमण को रोकने के प्रयासों के सामने कई गंभीर बाधाएं हैं। स्थानीय समुदायों में फैले अविश्वास, अफवाहों और संदेह के कारण कई जगह स्वास्थ्य टीमों का विरोध किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ इलाकों में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले भी हुए हैं। इसके अलावा क्षेत्र में जारी सशस्त्र संघर्ष और सुरक्षा संकट के कारण राहत एवं चिकित्सा कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस बार का प्रकोप इबोला के दुर्लभ बुंदीबुग्यो (Bundibugyo) स्ट्रेन से जुड़ा हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्ट्रेन के खिलाफ अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है। यह स्ट्रेन इबोला के अधिक चर्चित ज़ैरे (Zaire) स्ट्रेन से अलग है, जो कांगो में पहले आए अधिकांश प्रकोपों का कारण रहा है। इसी वजह से स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता और बढ़ गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संक्रमण पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह प्रकोप क्षेत्रीय स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर संक्रमण रोकने के प्रयास कर रही हैं।