बहरीन और कुवैत पर ड्रोन हमले! जवाबी हमले में इज़रायल ने भी 120 जगहों पर की बमबारी

Edited By Updated: 06 Apr, 2026 09:51 AM

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पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। ईरानी ड्रोनों ने बहरीन और कुवैत में महत्वपूर्ण तेल और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया है, जिससे इस क्षेत्र में स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। ईरानी हमलों के जवाब...

मनामा/कुवैत सिटी : पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। ईरानी ड्रोनों ने बहरीन और कुवैत में महत्वपूर्ण तेल और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया है, जिससे इस क्षेत्र में स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है।

बहरीन के पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला

रविवार को, ईरानी ड्रोनों ने बहरीन की 'गल्फ पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्रीज कंपनी' पर हमला किया, जिसके कारण कंपनी की कई चालू इकाइयों में भीषण आग लग गई। बहरीन समाचार एजेंसी के अनुसार, आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। हालाँकि, संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

कुवैत में बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित

ईरानी ड्रोनों ने कुवैत में दो बिजली उत्पादन और विलवणीकरण (desalination) संयंत्रों को भी निशाना बनाया, जिसके बाद दो बिजली इकाइयों को बंद करना पड़ा। कुवैत के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए तकनीकी टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही थीं। इसके अलावा, ड्रोन हमले के कारण कुवैत के शुवैख तेल क्षेत्र परिसर में भी आग लगने की खबर है। ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर हमला करने की भी जानकारी मिली है।

इजरायल का बड़ा जवाबी हमला

ईरानी हमलों के जवाब में, इजरायली वायु सेना (IAF) ने पिछले 24 घंटों के दौरान ईरान पर 120 से ज़्यादा मिसाइलें दागीं। कई जगहों पर बमबारी की गई है। इजरायली रक्षा बल (IDF) के अनुसार, इन हमलों का निशाना ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल साइटें और ड्रोन उत्पादन केंद्र थे। इन केंद्रों और हवाई रक्षा प्रणालियों को नष्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही, लेबनान में इजरायली अभियानों के दौरान अब तक 90 आतंकवादी मारे जा चुके हैं।

यह गौरतलब है कि यह विवाद 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर एक हमला किया था। इस हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई और उसके समर्थित संगठनों द्वारा किए गए हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में तेल और गैस का उत्पादन बाधित हो गया है। प्राकृतिक गैस का व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

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