Edited By Tanuja,Updated: 10 Jan, 2026 06:18 PM

ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने देशभर में आर्थिक क्षेत्रों के कर्मचारियों से हड़ताल का आह्वान किया है। उन्होंने तेहरान के केंद्रों पर कब्ज़े की अपील करते हुए कहा कि वे जल्द ईरान लौटने की तैयारी कर रहे हैं। देशव्यापी प्रदर्शन लगातार...
International Desk: ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने सरकार विरोधी आंदोलन को निर्णायक मोड़ देने का आह्वान करते हुए देश के प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों से हड़ताल पर जाने की अपील की है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से तेहरान सहित बड़े शहरों के केंद्रों पर कब्ज़ा करने का भी आह्वान किया। रेज़ा पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि ईरानी जनता ने अपने साहस और दृढ़ता से पूरी दुनिया की प्रशंसा हासिल की है। उन्होंने सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई को “धोखेबाज़ और आपराधिक नेता” बताते हुए कहा कि सड़कों पर उमड़ी भीड़ ने शासन को हिला दिया है।
उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि सिर्फ़ सड़कों पर मौजूदगी तक सीमित न रहकर इस दमनकारी व्यवस्था की आर्थिक नसों को काट दिया जाए।” पहलवी ने विशेष रूप से ट्रांसपोर्ट, तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों से देशव्यापी हड़ताल शुरू करने की अपील की। रेज़ा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से शनिवार और रविवार की शाम 6 बजे से झंडों, तस्वीरों और राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ सड़कों पर उतरने और शहरों के केंद्रीय इलाकों की ओर बढ़ने को कहा। उनका कहना था कि अलग-अलग रास्तों से आने वाली भीड़ एकजुट होकर सार्वजनिक स्थानों पर नियंत्रण स्थापित करे।
उन्होंने युवाओं और सुरक्षा बलों के उन सदस्यों से भी अपील की, जो अब आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, कि वे दमन की मशीनरी को धीमा और निष्क्रिय करें। पहलवी ने दावा किया कि वे खुद भी ईरान लौटने की तैयारी कर रहे हैं और “राष्ट्रीय क्रांति की जीत का क्षण बहुत निकट है।”इस बीच, इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के अनुसार 8 जनवरी के बाद से 22 प्रांतों में 116 से अधिक प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं, जिनमें 20 बड़े प्रदर्शन शामिल हैं। इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद, कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा स्टारलिंक के ज़रिये जानकारी बाहर भेजी जा रही है। नेटब्लॉक्स के मुताबिक, 36 घंटे से ज्यादा समय से ईरान में राष्ट्रीय स्तर पर इंटरनेट बंद है।पहले ही ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोपीय संघ ने ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या और गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए घातक बल प्रयोग रोकने की मांग की है।