इस देश में भूलकर भी नहीं चबाता कोई chewing gum, पकड़े गए तो हो जाती है जेल

Edited By Updated: 09 Dec, 2025 03:16 PM

in this country no one chews gum even by mistake if caught you go to jail

सिंगापुर में च्युइंगम पर 1992 से पूरा प्रतिबंध है, क्योंकि इसे गलत तरीके से फेंकने से सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी बढ़ती थी। बाद में 2004 में मेडिकल उपयोग वाली निकोटीन और व्हाइटनिंग गम को डॉक्टर की सलाह पर अनुमति दी गई। सामान्य च्युइंगम का...

नेशनल डेस्क : हममें से कई लोग खाली समय में च्युइंगम चबाते हैं। पहले इसमें प्राकृतिक रबर का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब ज्यादातर च्युइंगम में सिंथेटिक रबर, फ्लेवर, स्वीटनर और प्लास्टिसाइजर मिलाए जाते हैं, जिससे यह मुलायम और चबाने योग्य बनती है। हालांकि, इसका अधिक उपयोग और सार्वजनिक जगहों पर फेंकने से गंदगी बढ़ जाती है। इसे रोकने के लिए कुछ देशों ने च्युइंगम पर कड़े नियम लागू किए हैं।

सिंगापुर में च्युइंगम बैन

सिंगापुर 1992 में सार्वजनिक स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के लिए च्युइंगम पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इसका उद्देश्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी कम करना और सफाई कर्मचारियों की परेशानी घटाना था।

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मेडिकल उपयोग के लिए छूट

2004 में अमेरिका और सिंगापुर के बीच फ्री ट्रेड समझौते के तहत कुछ विशेष च्युइंगम, जैसे निकोटीन गम और व्हाइटनिंग गम, मेडिकल उपयोग के लिए अनुमति दी गई। निकोटीन गम धूम्रपान छोड़ने में मदद करती है, जबकि व्हाइटनिंग गम दांतों की सफाई और स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है।

सजा और कानून

सिंगापुर में किसी भी अन्य प्रकार की च्युइंगम चबाना, बेचना या आयात करना पूरी तरह अवैध है। नियम तोड़ने पर व्यक्ति को एक साल तक जेल और जुर्माना हो सकता है। बार-बार उल्लंघन करने वालों को सार्वजनिक स्थानों की सफाई करने की सजा भी दी जाती है।

स्वच्छता और जिम्मेदारी का प्रतीक

सिंगापुर में यह नियम सिर्फ कानून नहीं बल्कि सार्वजनिक जिम्मेदारी और अनुशासन का प्रतीक है। यह नीति सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने में मदद करती है और देश को दुनिया के सबसे स्वच्छ देशों में शामिल करती है।

सिखाता क्या है यह नियम?

सिंगापुर का यह नियम दर्शाता है कि साफ-सफाई और अनुशासन केवल कानून से नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी से भी बनता है। च्युइंगम पर सख्त पाबंदी ने सिंगापुर को अनुशासित, स्वच्छ और टूरिस्ट फ्रेंडली देश बनाया है।

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