Edited By Tanuja,Updated: 24 Jan, 2026 12:36 PM

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य तैनाती को लेकर अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति ट्रंप के युद्धपोत भेजने के बयान पर ईरान भड़क उठा और चेतावनी दी कि किसी भी अमेरिकी हमले को वह ‘ऑल-आउट वॉर’ मानेगा, जिससे क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
International Desk: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य ताकत की तैनाती के बयान के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उस पर किसी भी तरह का हमला किया, तो इसे वह “ऑल-आउट वॉर” यानी पूर्ण युद्ध मानेगा। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि ऐसे किसी भी कदम का जवाब बेहद कठोर और व्यापक होगा।
इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक वरिष्ठ कमांडर ने भी आक्रामक बयान देते हुए कहा कि उनकी “उंगली ट्रिगर पर है” और वे किसी भी हालात के लिए तैयार हैं। इन बयानों से साफ है कि ईरान किसी भी अमेरिकी कार्रवाई को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा मिडिल ईस्ट में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का मकसद दबाव बनाना है, लेकिन इससे क्षेत्र में अस्थिरता और युद्ध की आशंका और गहरी हो गई है।
पहले से ही गाजा, लाल सागर और खाड़ी क्षेत्र में तनाव के हालात बने हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ती बयानबाजी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। अगर हालात काबू से बाहर गए, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और तेल बाजारों पर भी पड़ सकता है।