Edited By Tanuja,Updated: 12 Jan, 2026 03:42 PM

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि देशव्यापी हिंसक प्रदर्शनों के बाद हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों का मकसद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हस्तक्षेप का बहाना देना था, हालांकि मानवाधिकार...
International Desk: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि देशभर में हुए हिंसक प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बाद अब हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों के पीछे एक सोची-समझी रणनीति थी, ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके। अराघची ने यह बयान तेहरान में विदेशी राजनयिकों के साथ बातचीत के दौरान दिया। उनके बयान को कतर समर्थित अल जज़ीरा सैटेलाइट न्यूज़ नेटवर्क ने प्रसारित किया। गौरतलब है कि ईरान में इंटरनेट सेवाएं बड़े पैमाने पर बंद हैं, इसके बावजूद अल जज़ीरा को देश में काम करने की अनुमति दी गई है।
विदेश मंत्री ने कहा कि हालिया घटनाओं के दौरान हिंसक और रक्तपातपूर्ण प्रदर्शन किए गए, जिनका मकसद स्थिति को अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की ओर धकेलना था। हालांकि, उन्होंने अपने इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और संगठनों ने दावा किया है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई में अब तक कम से कम 544 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरानी सरकार ने इन आंकड़ों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।
अराघची ने जोर देकर कहा कि सरकार ने हालात पर काबू पा लिया है और देश में सुरक्षा एवं स्थिरता बहाल हो चुकी है। वहीं, पश्चिमी देशों और मानवाधिकार संगठनों की ओर से ईरान की कार्रवाई पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।ईरान में जारी संकट अब सिर्फ घरेलू मुद्दा नहीं रहा, बल्कि अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ उसके पहले से तनावपूर्ण रिश्तों को और ज्यादा जटिल बना रहा है।