Edited By Parminder Kaur,Updated: 04 Dec, 2023 03:32 PM

सबसे लंबे समय तक इजराइल के प्रधानमंत्री रहने वाले बेंजामिन नेतन्याहू ने भ्रष्टाचार के आरोपों सहित कई विवादों का सामना किया है। लेकिन अब वे अपने राजनीतिक करियर के सबसे बड़े संकट से जूझ रहे हैं। 7 अक्टूबर को हमास के हमले को रोकने और सभी बंधकों को...
इंटरनेशनल डेस्क. सबसे लंबे समय तक इजराइल के प्रधानमंत्री रहने वाले बेंजामिन नेतन्याहू ने भ्रष्टाचार के आरोपों सहित कई विवादों का सामना किया है। लेकिन अब वे अपने राजनीतिक करियर के सबसे बड़े संकट से जूझ रहे हैं। 7 अक्टूबर को हमास के हमले को रोकने और सभी बंधकों को छुड़ाने में सरकार की नाकामी से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

नेतन्याहू सरकार के अंदर और बाहरी लोगों का कहना है कि इजराइली जनता के बीच नेतन्याहू इतने अलोकप्रिय पहले कभी नहीं रहे। फिर भी इजराइल के संसदीय सिस्टम की पेचीदा स्थिति और युद्ध के कारण नेतन्याहू को जल्द ही पद से हटाने के रास्ते बहुत कम हैं। विश्लेषकों का कहना है, उनके भावी राजनीतिक आसार आने वाले दिनों में स्थिति से निपटने में उनकी क्षमता पर निर्भर हैं। नेतन्याहू पर हमास हमले को भांपने में खुफिया विभाग की विफलता की जिम्मेदारी लेने की मांग उठी है। उनके सत्तारूढ़ गठबंधन के एक सदस्य इतमार बेन ग्विर ने सरकार गिराने की धमकी दी है। पार्टी के दो सीनियर सदस्यों के अनुसार नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के सदस्य दलबदल के बारे में चर्चा कर रहे हैं। इजराइल के सबसे अहम सहयोगी अमेरिका ने प्रधानमंत्री पर गाजा में नागरिकों की मौतें सीमित करने के लिए प्रधानमंत्री पर दबाव डाला है।

शुक्रवार को सात दिन का युद्धविराम खत्म होने के बाद नेतन्याहू गाजा में हमास के सबसे बड़े नेता की हत्या सहित कई विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। वे ऐसा करके अपने गठबंधन के सदस्यों और जनता को संतुष्ट करना चाहते हैं। इजराइल में सभी राजनीतिक दल युद्ध के समर्थन में हैं। लेकिन, नेतन्याहू को बंधकों की रिहाई, मानवीय सहायता देने और युद्ध के मामलों में राजनीतिक मतभेदों को सुलझाना पड़ेगा। उदाहरण के लिए बेन ग्विर ने युद्धविराम के दौरान धमकी दी थी कि यदि युद्ध शुरू नहीं किया गया तो वे सरकार गिरा देंगे। वैसे, नेतन्याहू ने अपने सहायकों को बताया है, वे सेना पर जोर दे रहे हैं कि वह हमास के प्रमुख याह्या सिनवार को मार गिराए।