18 महीने के मासूम को सिगरेट से जलाया, पैरों में दागी कीले...पिता से सच उगलवाने के लिए इजरायली सैनिकों ने पार की क्रूरता की सारी हदें!

Edited By Updated: 27 Mar, 2026 12:29 PM

israeli soldiers burned an innocent 18 month old baby with a cigarette

गाजा पट्टी में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां फिलिस्तीनी टीवी ने इजरायली सैनिकों पर 18 महीने के मासूम करीम अबू नासर को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिता से कबूलनामा लेने के लिए बच्चे को सिगरेट से जलाया गया...

इंटरनेशनल डेस्क: गाजा पट्टी में जारी संघर्ष के बीच मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। फिलिस्तीनी मीडिया के दावों के अनुसार, इजरायली सैनिकों ने एक 18 महीने के मासूम बच्चे, करीम अबू नासर, को उसके पिता पर दबाव बनाने के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल किया। रिपोर्टों में आरोप लगाया गया है कि पूछताछ के दौरान बच्चे को सिगरेट से जलाया गया और उसके पैरों में कीलें चुभाई गईं, ताकि उसके पिता से मनचाहा कबूलनामा हासिल किया जा सके। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों के उल्लंघन की बहस को एक बार फिर सुलगा दिया है। 

सामान लेने निकले थे पिता-पुत्र 

पीड़ित बच्चे के पिता ओसामा अबू नासर ने बताया कि वह अपने बेटे करीम के साथ मध्य गाजा के अल मगाजी शरणार्थी शिविर के पास कुछ जरूरी सामान लेने जा रहे थे। इसी दौरान इजरायली सैनिकों ने उन्हें रोक लिया। ओसामा के अनुसार, उन्हें जबरन एक सैन्य चौकी की ओर ले जाया गया। वहां उन्हें निर्वस्त्र कर पूछताछ की गई और उनके सामने ही उनके 18 महीने के बेटे को प्रताड़ित किया गया। सैनिकों का उद्देश्य ओसामा से जबरन किसी बात का कबूलनामा लेना था । 

मेडिकल रिपोर्ट और वीडियो साक्ष्य 

फिलिस्तीनी टीवी द्वारा जारी एक वीडियो में करीम के शरीर पर चोट के गहरे निशान दिखाई दे रहे हैं। मेडिकल जांच में भी बच्चे के पैरों पर सिगरेट से जलने और नुकीली कीलों से लगी चोटों की पुष्टि हुई है। हालांकि, कुछ घंटों बाद इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) की मदद से बच्चे को उसके परिवार को सौंप दिया गया, लेकिन ओसामा अभी भी हिरासत में बताए जा रहे हैं। 

वैश्विक आक्रोश और प्रतिक्रियाएं 

इस घटना के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है: 

CAIR (काउंसिल ऑन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस): संगठन ने इसे गंभीर नैतिक पतन बताते हुए अमेरिकी कांग्रेस से इजरायल को दी जाने वाली सैन्य सहायता की समीक्षा करने की मांग की है। 

ईरान की प्रतिक्रिया: ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने इसे 'मानवता के खिलाफ अपराध' करार देते हुए विश्व समुदाय से स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की है। 

सोशल मीडिया: इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद दुनिया भर के नेटिज़न्स इजरायली सेना की इस कथित कार्रवाई की निंदा कर रहे हैं। 


 

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