Edited By Anu Malhotra,Updated: 11 May, 2026 09:02 AM

North Korea Dead Hand System: उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कानून में बड़ा बदलाव किया है। नए संशोधन के मुताबिक अगर देश के नेता किम जोंग-उन की हत्या होती है या वे किसी विदेशी हमले में आदेश देने की स्थिति में नहीं रहते, तो उत्तर कोरिया अपने आप परमाणु...
North Korea Dead Hand System: उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कानून में बड़ा बदलाव किया है। नए संशोधन के मुताबिक अगर देश के नेता किम जोंग-उन की हत्या होती है या वे किसी विदेशी हमले में आदेश देने की स्थिति में नहीं रहते, तो उत्तर कोरिया अपने आप परमाणु हमला करेगा।
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी NIS की रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव हाल ही में उत्तर कोरिया की संसद में मंजूर किया गया। माना जा रहा है कि अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान में किए गए हमलों के बाद प्योंगयांग ने यह कदम उठाया है। उन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और कई बड़े सैन्य सलाहकार मारे गए थे।
रूस के Dead Hand सिस्टम जैसा मॉडल
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया का नया नियम रूस के पुराने Dead Hand परमाणु सिस्टम से मिलता-जुलता है। सोवियत संघ ने शीत युद्ध के दौरान ऐसा सिस्टम बनाया था, जिसमें अगर देश की पूरी सैन्य कमान खत्म हो जाए, तब भी अपने आप जवाबी परमाणु हमला किया जा सके। अब उत्तर कोरिया भी दुनिया को यही संदेश देना चाहता है कि अगर किम जोंग-उन को निशाना बनाया गया, तब भी परमाणु जवाब तय माना जाएगा।
संविधान में क्या बदला?
उत्तर कोरिया की संसद के 15वें सत्र में यह संशोधन पास किया गया। नए नियम के अनुसार अगर दुश्मन देश उत्तर कोरिया के परमाणु कमांड सिस्टम पर हमला करता है और नेतृत्व खतरे में पड़ता है, तो परमाणु हमला 'तुरंत और स्वचालित' तरीके से किया जाएगा। हालांकि परमाणु हथियारों की कमान अभी भी सीधे किम जोंग-उन के हाथ में रहेगी, लेकिन अब ऐसी व्यवस्था भी बनाई गई है कि उनके आदेश न मिलने पर भी जवाबी हमला रोका नहीं जाएगा।
ईरान पर हमले से डरा उत्तर कोरिया
सियोल की कूकमिन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंड्रेई लैंकोव के मुताबिक, उत्तर कोरिया के पास पहले भी ऐसी गुप्त योजना हो सकती थी, लेकिन ईरान में हुए तेज और सटीक हमलों ने उसे सार्वजनिक रूप से कानून में बदलने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया को डर है कि युद्ध की स्थिति में उसके शीर्ष नेताओं को भी अचानक निशाना बनाया जा सकता है।
किम जोंग-उन की सुरक्षा बेहद सख्त
रिपोर्ट के अनुसार किम जोंग-उन अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं। वे बहुत कम हवाई यात्रा करते हैं और अक्सर भारी सुरक्षा वाले बख्तरबंद ट्रेन से सफर करते हैं। उत्तर कोरिया में विदेशी लोगों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाती है। वहां इंटरनेट और CCTV नेटवर्क भी सीमित है, इसलिए किसी बाहरी देश के लिए खुफिया जानकारी जुटाना आसान नहीं माना जाता।
दक्षिण कोरिया सीमा पर नई तोपें तैनात करेगा उत्तर कोरिया
इसी बीच उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया सीमा के पास नई लंबी दूरी की तोपें तैनात करने की भी घोषणा की है। सरकारी मीडिया KCNA के अनुसार किम जोंग-उन ने हाल ही में एक नई 155 मिमी सेल्फ-प्रोपेल्ड गन-हाउitzer का निरीक्षण किया। बताया गया है कि यह तोप 37 मील से ज्यादा दूरी तक हमला कर सकती है। इसकी जद में दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल और आसपास का बड़ा इलाका आ सकता है। किम ने दावा किया कि यह नया हथियार उत्तर कोरिया की जमीनी सैन्य ताकत को और मजबूत करेगा।
दोनों कोरिया अब भी युद्ध की स्थिति में
उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच 1950-53 का कोरियाई युद्ध सिर्फ युद्धविराम समझौते पर खत्म हुआ था। दोनों देशों के बीच आज तक कोई औपचारिक शांति संधि नहीं हुई है। इसलिए तकनीकी रूप से दोनों देश अब भी युद्ध की स्थिति में माने जाते हैं।