ट्रंप का एक फैसला और कच्चे तेल में आया उबाल, सोने- चांदी के बाद क्या अब पट्रोल-डीजल भी होगा महंगा!

Edited By Updated: 29 Jan, 2026 11:07 PM

one decision by trump and crude oil prices surged

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे दुनिया के तेल बाजार पर दिखने लगा है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो सितंबर के बाद...

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे दुनिया के तेल बाजार पर दिखने लगा है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो सितंबर के बाद पहली बार हुआ है। जानकारों के मुताबिक, इस तेजी की बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर सख्त और आक्रामक रुख है।

ब्रेंट और WTI क्रूड में तेज उछाल
लंदन के बाजार में ब्रेंट नॉर्थ सी क्रूड 2.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 70.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 2.6 प्रतिशत चढ़कर 64.82 डॉलर प्रति बैरल हो गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं, तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।

ईरान को लेकर ट्रंप का कड़ा संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर तुरंत बातचीत के लिए आगे आना चाहिए। ट्रंप ने साफ कहा कि कोई भी समझौता ऐसा होना चाहिए, जिसमें ईरान के पास परमाणु हथियार न हों और जो सभी देशों के हित में हो। उन्होंने यह भी इशारा किया कि अगर बातचीत नहीं हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

ईरान की दो टूक चेतावनी
ट्रंप के बयान के बाद ईरान की ओर से भी कड़ा जवाब सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर अमेरिका ने कोई सैन्य कार्रवाई की तो ईरान उसका तुरंत और सख्त जवाब देगा। इस बयान के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

तेल सप्लाई पर मंडरा रहा खतरा
मार्केट एक्सपर्ट डेरेन नाथन के मुताबिक, अगर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ता है तो ईरान के रोजाना करीब 30 लाख बैरल तेल उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। यह रास्ता दुनिया की कुल ऊर्जा सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा संभालता है, इसलिए यहां कोई भी रुकावट वैश्विक बाजार को हिला सकती है।

पेट्रोल-डीजल हो सकता है महंगा
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल है। जैसे-जैसे अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग तेज हो रही है, निवेशक तेल को सुरक्षित निवेश मानकर खरीदारी बढ़ा रहे हैं। इसी वजह से ब्रेंट क्रूड चार महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में भारत समेत कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।

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