Britain: कुछ घंटों की जांच के बाद रिहा किए गए पूर्व प्रिंस एंड्रयू, एपस्टीन फाइल में नाम; जानें विवाद

Edited By Updated: 20 Feb, 2026 06:18 AM

prince andrew was released before being arrested in the epstein case

ब्रिटेन के शाही परिवार में गुरुवार को बड़ा संकट खड़ा हो गया, जब पूर्व राजकुमार Prince Andrew को पुलिस ने गिरफ्तार कर कई घंटों तक हिरासत में रखा।

इंटरनेशनल डेस्कः  ब्रिटेन के शाही परिवार में गुरुवार को बड़ा संकट खड़ा हो गया, जब पूर्व राजकुमार Prince Andrew को पुलिस ने गिरफ्तार कर कई घंटों तक हिरासत में रखा। आधुनिक ब्रिटिश इतिहास में शाही परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई बेहद दुर्लभ मानी जा रही है। एंड्रयू को अमेरिका के दिवंगत सेक्स अपराधी Jeffrey Epstein से जुड़े मामलों में संदिग्ध आचरण के आरोपों के आधार पर हिरासत में लिया गया।

सुबह 8 बजे सैंड्रिंघम एस्टेट पर पुलिस पहुंची

गुरुवार को एंड्रयू का 66वां जन्मदिन भी था। उसी दिन सुबह करीब 8 बजे पुलिस ने नॉरफॉक स्थित शाही सैंड्रिंघम एस्टेट में उनके नए घर पर छापा मारा। बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि “नॉरफॉक के साठ के दशक की उम्र वाले एक व्यक्ति” को सार्वजनिक पद पर कदाचार (misconduct in public office) के शक में गिरफ्तार किया गया है। ब्रिटेन में आमतौर पर गिरफ्तारी के समय नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता। शाम को Thames Valley Police ने बयान जारी कर कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को अब “जांच के तहत रिहा” कर दिया गया है।पुलिस ने बताया कि नॉरफॉक में तलाशी अभियान पूरा हो चुका है, लेकिन बर्कशायर में एक अन्य संपत्ति की तलाशी जारी है। माना जा रहा है कि वह एंड्रयू का पूर्व निवास रॉयल लॉज है।

किंग चार्ल्स III का बयान

ब्रिटेन के राजा King Charles III ने इस मामले पर एक दुर्लभ, व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए।” बकिंघम पैलेस की ओर से पुलिस को पूरा सहयोग देने का आश्वासन भी दिया गया है। हालांकि, राजा ने गुरुवार को अपने निर्धारित सार्वजनिक कार्यक्रम पूरे किए, जिनमें लंदन फैशन वीक का उद्घाटन भी शामिल था, ताकि सामान्य स्थिति का संदेश दिया जा सके।

नए खुलासों के बाद कार्रवाई

एंड्रयू की गिरफ्तारी पिछले सप्ताह सामने आए नए खुलासों के बाद हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब वह ब्रिटेन के व्यापार दूत (trade envoy) थे, तब उन्होंने एपस्टीन को कुछ संभावित गोपनीय दस्तावेज भेजे थे। AFP द्वारा देखे गए नवंबर 2010 के एक ईमेल में, एंड्रयू ने एशियाई देशों की यात्रा से संबंधित रिपोर्ट साझा की थी। एपस्टीन को 2008 में अमेरिका में एक नाबालिग को वेश्यावृत्ति के लिए लाने के आरोप में दोषी ठहराया गया था।

पहले भी विवादों में रहे हैं एंड्रयू

  • 2022 में एंड्रयू ने अमेरिका में वर्जीनिया गिउफ्रे द्वारा दायर सिविल मुकदमे को बिना गलती स्वीकार किए समझौते से निपटाया था।

  • गिउफ्रे ने अपनी मरणोपरांत प्रकाशित किताब में दावा किया था कि किशोरावस्था में उन्हें तीन बार एंड्रयू के साथ यौन संबंध के लिए मजबूर किया गया।

  • गिउफ्रे के परिवार ने एंड्रयू की गिरफ्तारी का स्वागत करते हुए कहा कि “हमारे टूटे दिलों को राहत मिली है” और उन्हें “कभी राजकुमार नहीं” बताया।

पिछले साल राजा चार्ल्स ने एंड्रयू से उनके शाही खिताब वापस ले लिए थे और उन्हें विंडसर स्थित आधिकारिक आवास छोड़ने का आदेश दिया था। हालांकि वह अभी भी उत्तराधिकार की लाइन में आठवें स्थान पर हैं।

“राजशाही के लिए बड़ा संकट”

शाही मामलों के विशेषज्ञ एड ओवेन्स ने इसे “ब्रिटिश राजशाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण” बताया। रॉयल कमेंटेटर केटी निकोल ने कहा कि यह संकट 1936 के त्यागपत्र (abdication) के बाद का सबसे बड़ा संकट हो सकता है। नॉरफॉक के एक स्थानीय पब मालिक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मामला जल्द सुलझ जाएगा। वहीं एक ऑफ-ड्यूटी पुलिस अधिकारी ने कहा कि “औपचारिक कार्रवाई से जनता को भरोसा मिलेगा।”

व्यापक जांच जारी

ब्रिटेन की कम से कम नौ पुलिस इकाइयों ने एपस्टीन फाइल्स से जुड़े दावों की समीक्षा शुरू कर दी है, जिनमें कई मामले एंड्रयू से संबंधित बताए जा रहे हैं। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में एपस्टीन जांच से जुड़ी लाखों फाइलें जारी की गई हैं, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है। ब्रिटेन में “misconduct in public office” का अपराध साबित होने पर अधिकतम सजा उम्रकैद तक हो सकती है।

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