Edited By Anu Malhotra,Updated: 20 Feb, 2026 08:20 AM

क्या आपको पता है कि आपकी जेब में रखा प्लास्टिक का छोटा सा टुकड़ा यानी आपका डेबिट कार्ड (ATM), आपको रातों-रात लखपति सुरक्षा कवच दे सकता है? चौंकिए मत! भारत में करोड़ों खाताधारक इस बात से अनजान हैं कि बैंक खाता खोलते ही उन्हें लाखों रुपये का मुफ्त...
नेशनल डेस्क: क्या आपको पता है कि आपकी जेब में रखा प्लास्टिक का छोटा सा टुकड़ा यानी आपका डेबिट कार्ड (ATM), आपको रातों-रात लखपति सुरक्षा कवच दे सकता है? चौंकिए मत! भारत में करोड़ों खाताधारक इस बात से अनजान हैं कि बैंक खाता खोलते ही उन्हें लाखों रुपये का मुफ्त दुर्घटना बीमा (Accidental Insurance) मिल जाता है। इसके लिए आपको न तो कोई प्रीमियम भरना है और न ही कोई अलग फॉर्म।
आइए जानते हैं इस 'हिडन' फायदे का पूरा गणित और क्लेम करने का सही तरीका।
कार्ड की कैटेगरी और बीमे की रकम
आपके पास कौन सा कार्ड है, इसी से तय होता है कि आपका बीमा कवर कितना बड़ा है। आमतौर पर बैंकों में यह सीमा ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख तक होती है:
- क्लासिक/सामान्य कार्ड: ₹1 लाख तक का कवर।
- प्लेटिनम/विसा कार्ड: ₹2 लाख से ₹5 लाख तक।
- रुपे (RuPay) कार्ड: ₹2 लाख तक (जनधन खातों में भी उपलब्ध)।
- प्रीमियम कार्ड: कुछ खास कार्ड्स पर यह सीमा ₹10 लाख तक जाती है।
सबसे जरूरी शर्त: कार्ड का 'एक्टिव' होना
फ्री बीमे का लाभ केवल तभी मिलता है जब आपका कार्ड सक्रिय हो। नियम के अनुसार:
दुर्घटना की तारीख से पिछले 30 से 90 दिनों के भीतर उस कार्ड से कम से कम एक सफल ट्रांजैक्शन (ATM से पैसे निकालना या ऑनलाइन शॉपिंग) होना अनिवार्य है। अगर कार्ड लंबे समय से बंद पड़ा है, तो क्लेम खारिज हो सकता है।
सिर्फ कार्ड ही नहीं, बैंक डूबने पर भी सुरक्षा
अगर कल को आपका बैंक दिवालिया हो जाता है, तब भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है। RBI की सहायक संस्था DICGC के तहत हर खाताधारक का ₹5 लाख तक का डिपॉजिट (मूलधन और ब्याज समेत) पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
जनधन खातों के लिए खास तोहफा
प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खुले खातों पर सरकार विशेष लाभ देती है:
- ₹2 लाख का Accidental Insurance।
- शर्तों के साथ ₹30,000 का Life Cover भी मिलता है।
मुसीबत में कैसे करें क्लेम? (Step-by-Step)
यदि कार्डधारक के साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो परिवार (नॉमिनी) इन स्टेप्स को फॉलो करे:-
- सूचना दें: हादसे के 30 से 60 दिनों के भीतर बैंक की होम ब्रांच को सूचित करें।
- दस्तावेज जुटाएं: * पुलिस की FIR की कॉपी।
- अस्पताल की रिपोर्ट या डेथ सर्टिफिकेट।
- कार्ड एक्टिविटी दिखाने के लिए पिछले 3 महीनों का बैंक स्टेटमेंट।
- नॉमिनी के केवाईसी दस्तावेज (आधार, पैन, कैंसिल चेक)।
- फॉर्म जमा करें: बैंक से क्लेम फॉर्म लेकर सभी दस्तावेजों के साथ सबमिट कर दें।
सावधानी ही सुरक्षा है
अक्सर जानकारी के अभाव में लोग इस बड़े फायदे को छोड़ देते हैं। अपने परिवार को इस बीमा कवर के बारे में जरूर बताएं और अपने कार्ड से महीने में कम से कम एक छोटा ट्रांजैक्शन जरूर करते रहें ताकि कवर 'एक्टिव' रहे।