Edited By Tanuja,Updated: 21 Jan, 2026 12:36 PM

तकनीकी खराबी के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दावोस जाते समय अपना विमान बदलना पड़ा। विमान की इलेक्ट्रिकल प्रणाली में समस्या सामने आने के बाद एहतियातन उड़ान रोक दी गई। बाद में दूसरे विमान से ट्रंप ने स्विट्ज़रलैंड के लिए यात्रा फिर शुरू की।
Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में हिस्सा लेने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जाते समय अपनी यात्रा के दौरान अचानक विमान बदलना पड़ा। व्हाइट हाउस और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति के विमान की इलेक्ट्रिकल प्रणाली में तकनीकी खराबी सामने आई, जिसके बाद सुरक्षा मानकों के तहत विमान को आगे उड़ान जारी रखने की अनुमति नहीं दी गई। घटना के बाद यह सवाल भी उठा कि क्या यह महज़ तकनीकी नुक्स था या किसी साजिश की आशंका? व्हाइट हाउस और अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह रूटीन तकनीकी फॉल्ट था और सुरक्षा मानकों के तहत एहतियातन विमान बदला गया। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति की उड़ानों में किसी भी असामान्यता पर शून्य जोखिम नीति अपनाई जाती है, इसलिए वैकल्पिक विमान से यात्रा जारी रखी गई।
साजिश के एंगल पर पूछे गए सवालों के जवाब में अधिकारियों ने कहा कि अब तक किसी तरह की तोड़फोड़, साइबर हस्तक्षेप या बाहरी साजिश का कोई प्रमाण नहीं मिला है। हालांकि, प्रोटोकॉल के तहत ऐसी घटनाओं में तकनीकी टीम और सुरक्षा एजेंसियां सभी संभावित कारणों तकनीकी, मानवीय या बाहरी की मानक समीक्षा करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक विमानों में इलेक्ट्रिकल सेंसर और अलर्ट सिस्टम अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। मामूली असंगति पर भी उड़ान रोकना या विमान बदलना सामान्य और सावधानीपूर्ण कदम माना जाता है। इसी कारण इस घटना को सुरक्षा विफलता नहीं बल्कि सतर्कता का उदाहरण बताया जा रहा है। वैकल्पिक विमान में स्थानांतरण के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने तय कार्यक्रम के अनुसार दावोस के लिए उड़ान भरी। व्हाइट हाउस ने दोहराया कि इस घटना का राष्ट्रपति की सुरक्षा या दावोस कार्यक्रम पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा।

सूत्रों के मुताबिक, उड़ान के शुरुआती चरण में ही तकनीकी संकेत मिले, जिसके बाद पायलटों ने एहतियातन विमान को मोड़ने का फैसला किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम पूरी तरह रूटीन सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत उठाया गया और इसमें किसी तरह का आपातकाल या सुरक्षा खतरा नहीं था।इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप को एक वैकल्पिक विमान में स्थानांतरित किया गया। सभी आवश्यक सुरक्षा और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद उन्होंने उसी दिन स्विट्ज़रलैंड के लिए अपनी यात्रा फिर से शुरू की। व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति का दावोस कार्यक्रम यथावत है और वह तय कार्यक्रम के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में वैश्विक नेताओं, उद्योग प्रमुखों और नीति-निर्माताओं को संबोधित करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति के विमानों में तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में विमान बदलना असामान्य नहीं है और इसे अतिरिक्त सतर्कता के रूप में देखा जाता है। इस घटना का राष्ट्रपति की सुरक्षा या अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों पर कोई दीर्घकालिक प्रभाव नहीं पड़ा।