Edited By Rohini Oberoi,Updated: 02 Nov, 2025 11:30 AM

इंग्लैंड में शनिवार शाम (1 नवंबर) उस समय दहशत फैल गई जब डॉन्कास्टर से लंदन किंग्स क्रॉस स्टेशन जा रही एक ट्रेन में एक व्यक्ति ने कई यात्रियों पर चाकू से हमला कर दिया। ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस (BTP) ने इस घटना को बड़ा हादसा घोषित किया है और जांच में...
इंटरनेशनल डेस्क। इंग्लैंड में शनिवार शाम (1 नवंबर) उस समय दहशत फैल गई जब डॉन्कास्टर से लंदन किंग्स क्रॉस स्टेशन जा रही एक ट्रेन में एक व्यक्ति ने कई यात्रियों पर चाकू से हमला कर दिया। ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस (BTP) ने इस घटना को बड़ा हादसा घोषित किया है और जांच में आतंकवाद निरोधक इकाई (Counter-Terrorism Unit) की मदद ली जा रही है।
घटना और घायलों की स्थिति
चाकू से हुए इस हमले के कारण ट्रेन में हड़कंप मच गया। चश्मदीदों के अनुसार ट्रेन में "हर जगह खून" बिखरा हुआ था और डर के मारे कई यात्री खुद को वॉशरूम में छिपाने को मजबूर हो गए। ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रेन को कैम्ब्रिजशायर के हंटिंगडन स्टेशन पर रोक लिया। पुलिस के अनुसार इस हमले में दस लोग घायल हुए हैं जिनमें से नौ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से दो संदिग्धों को तुरंत हिरासत में ले लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन रुकने के बाद उन्होंने एक व्यक्ति को प्लेटफॉर्म पर बड़े चाकू के साथ देखा जिसे पुलिस ने बाद में टेजर (Taser) से काबू किया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और कानून-व्यवस्था पर सवाल
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर (Keir Starmer) ने इस भयावह घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की:
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पीएम का बयान: उन्होंने घटना को भयावह (Horrific) बताया और कहा, “मेरे विचार सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। मैं पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को उनकी तेज कार्रवाई के लिए धन्यवाद देता हूं।”
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जांच: पुलिस ने पुष्टि की है कि हमले की गंभीरता को देखते हुए आतंकवाद निरोधक इकाई भी जांच में सहयोग कर रही है।
ब्रिटेन में चाकूबाजी का बढ़ता संकट
यह घटना ब्रिटेन में लगातार बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं के बीच हुई है जो सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इंग्लैंड और वेल्स में पिछले साल 50,000 से ज़्यादा चाकू से जुड़े अपराध दर्ज किए गए जो 2013 की तुलना में लगभग दोगुने हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार अब तक करीब 60,000 चाकू जब्त किए जा चुके हैं या लोगों ने स्वेच्छा से पुलिस को सौंपे हैं। सरकार ने अगले दस साल में चाकूबाजी के अपराध को आधा करने का लक्ष्य रखा है। सार्वजनिक जगह पर चाकू लेकर पकड़े जाने पर चार साल तक की सज़ा हो सकती है। हालांकि पिछले एक साल में चाकू से होने वाली हत्याओं में 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।