Edited By Mehak,Updated: 17 Mar, 2026 05:35 PM

क्यूबा में सोमवार को अचानक देशव्यापी ब्लैकआउट हुआ, जिससे लगभग 1.1 करोड़ लोग अंधेरे में फंस गए। राजधानी हवाना समेत पूरे देश में बिजली सप्लाई ठप हो गई, जिससे घरों, अस्पतालों और परिवहन सेवाओं पर गंभीर असर पड़ा। ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि बिजली ग्रिड...
नेशनल डेस्क : क्यूबा की राजधानी हवाना और देश के अन्य हिस्सों में सोमवार को अचानक बिजली गुल हो गई, जिससे देशभर में 1.1 करोड़ लोग अंधेरे में डूब गए। ब्लैकआउट के कारण घरों, अस्पतालों और परिवहन सेवाओं पर गंभीर असर पड़ा। लोगों को पानी, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बिजली बंद होने का कारण
क्यूबा के ऊर्जा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि देश का बिजली ग्रिड पूरी तरह काम करना बंद कर चुका है। हालांकि मंत्रालय ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि अचानक ब्लैकआउट क्यों हुआ। मंत्रालय ने कहा कि इस घटना की जांच चल रही है।
क्यूबा की ऊर्जा प्रणाली और आर्थिक तंगी
क्यूबा पहले से ही आर्थिक संकट और ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। देश के अधिकांश बिजली प्लांट पुराने हैं और उनका नियमित रखरखाव नहीं होता, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित होता है। तेल की आपूर्ति बाधित होने के कारण यह समस्या और गंभीर हो गई है। अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के कारण क्यूबा अंतरराष्ट्रीय बाजार से पर्याप्त तेल नहीं खरीद पा रहा, जिससे बिजली उत्पादन लगातार प्रभावित हो रहा है।
आम जनता और उद्योगों पर असर
बिजली गुल होने से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी की सप्लाई बाधित हुई, मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क प्रभावित हुए और छोटे व्यवसाय और उद्योग ठप हो गए, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ा।
सरकार ने आपातकालीन उपायों के तहत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और सीमित बिजली आपूर्ति के माध्यम से हालात संभालने की कोशिश की है। सोमवार रात तक हवाना के लगभग 5 प्रतिशत हिस्से में बिजली बहाल कर दी गई, जिससे करीब 42 हजार उपभोक्ताओं को राहत मिली।
आगे की स्थिति
हालांकि देश के बड़े हिस्से में बिजली अभी भी बंद है और सरकार ने चेतावनी दी है कि तब तक ब्लैकआउट का खतरा बना रहेगा, जब तक ईंधन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होती। ऊर्जा संकट और आर्थिक प्रतिबंध मिलकर क्यूबा की स्थिति को और जटिल बना रहे हैं।