ईरान में उबाल, ट्रंप की धमकियों के बीच अमेरिका के प्रस्तावों पर विचार कर रहा तेहरान

Edited By Updated: 13 Jan, 2026 12:05 AM

tehran is considering america s proposals amid trump s threats

ईरान में पिछले दो हफ्तों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अराघची (Araghch) ने कहा है कि उनका देश अमेरिका की ओर से भेजे गए प्रस्तावों को “ध्यान से पढ़ और जांच रहा है”। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका...

इंटरनेशनल डेस्कः ईरान में पिछले दो हफ्तों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अराघची (Araghch) ने कहा है कि उनका देश अमेरिका की ओर से भेजे गए प्रस्तावों को “ध्यान से पढ़ और जांच रहा है”। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ (Witkoff) के साथ बातचीत का सिलसिला अभी बंद नहीं हुआ है और दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है।

ट्रंप की धमकी पर ईरान का आरोप

ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप की वह चेतावनी—जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान में विरोध प्रदर्शन खून-खराबे में बदलते हैं तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है, इससे हालात और बिगड़े हैं।

अराघची के मुताबिक, “ट्रंप की धमकियों ने आतंकवादी तत्वों को उकसाया, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों पर हमले किए ताकि विदेशों को हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके।”

ट्रंप का सख्त रुख

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह कहते रहे हैं कि ईरान के मामले में अमेरिका के पास “बहुत मजबूत विकल्प” मौजूद हैं। अमेरिकी सेना ईरान की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। साथ ही ट्रंप प्रशासन ईरान के विपक्षी नेताओं के संपर्क में भी बताया जा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका अंदरूनी हालात पर करीबी नजर रख रहा है।

ईरान में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक

ईरान सरकार ने पिछले दो हफ्तों के दौरान मारे गए लोगों को “शहीद” घोषित करते हुए पूरे देश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक रखा है। इन मृतकों में ईरान के सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं, जो प्रदर्शनों के दौरान मारे गए।

मौतों के आंकड़ों को लेकर मतभेद

ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, हाल के दिनों में 100 से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों की मौत हो चुकी है। वहीं, विपक्षी कार्यकर्ताओं का कहना है कि मरने वालों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है और इसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारी भी शामिल हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्था अल जज़ीरा (Al Jazeera) ने साफ किया है कि वह इन दोनों पक्षों के आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाई है।

हालात बेहद गंभीर

ईरान में प्रदर्शन, हिंसा और अंतरराष्ट्रीय दबाव एक साथ बढ़ते जा रहे हैं। एक तरफ सरकार अमेरिका के प्रस्तावों पर विचार कर रही है, तो दूसरी ओर ट्रंप की धमकियों और बढ़ती मौतों ने पूरे क्षेत्र को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है। दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि ईरान और अमेरिका आगे क्या कदम उठाते हैं।

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