दवा कंपनियों के लिए ट्रंप प्रशासन का अल्टीमेटम… कीमत घटाओ या अमेरिका में बनाओ, वरना लगेगा 100% टैरिफ

Edited By Updated: 03 Apr, 2026 01:27 AM

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अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगर दवा कंपनियां कीमतें कम नहीं करतीं या अमेरिका में उत्पादन शुरू नहीं करतीं, तो ब्रांडेड दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। इस कदम का मकसद दवा कंपनियों को अमेरिका में...

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगर दवा कंपनियां कीमतें कम नहीं करतीं या अमेरिका में उत्पादन शुरू नहीं करतीं, तो ब्रांडेड दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। इस कदम का मकसद दवा कंपनियों को अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग लाने और मरीजों के लिए दवाओं की कीमतें कम करने के लिए मजबूर करना है।

क्या हैं नए नियम… समझिए पूरी डिटेल

  • अमेरिका में न बनने वाली और प्राइसिंग एग्रीमेंट में शामिल न होने वाली पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगेगा।
  • बड़ी फार्मा कंपनियों को 120 दिनों में अपनी योजना बतानी होगी, जबकि छोटी कंपनियों को 180 दिन का समय मिलेगा।
  • अगर कंपनियां अमेरिका में उत्पादन शुरू करती हैं, तो टैरिफ घटाकर 20% कर दिया जाएगा।
  • जो कंपनियां अमेरिका के Department of Health and Human Services के साथ “मोस्ट-फेवर्ड-नेशन” प्राइसिंग समझौता करेंगी, उन्हें टैरिफ से छूट मिलेगी।

किन देशों को राहत…
मौजूदा व्यापार समझौतों के चलते यूरोपीय यूनियन, जापान, दक्षिण कोरिया और स्विट्ज़रलैंड में बनी दवाओं पर टैरिफ घटाकर 15% किया जाएगा। वहीं ब्रिटेन के साथ अलग टैरिफ समझौता है।

कितनी कंपनियों से डील…
अब तक अमेरिका 17 दवा कंपनियों के साथ ऐसे समझौते कर चुका है, जिनमें से 13 फाइनल हो चुके हैं और 4 पर बातचीत जारी है। Pfizer और Eli Lilly जैसी बड़ी कंपनियां इन डील्स में शामिल हैं, जिन्हें तीन साल तक टैरिफ से छूट मिलेगी।

इंडस्ट्री पर दबाव… कई कंपनियां अभी भी बाहर
इंडस्ट्री लॉबी ग्रुप PhRMA के अनुसार, कई कंपनियां खासतौर पर छोटी और मिड-साइज अभी तक इन समझौतों में शामिल नहीं हुई हैं और वे अलग-अलग शर्तों पर बातचीत कर रही हैं।

अमेरिका में दवाएं सबसे महंगी…
अमेरिका में मरीजों को दवाओं के लिए दुनिया के अन्य विकसित देशों की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। ट्रंप प्रशासन लंबे समय से “मोस्ट-फेवर्ड-नेशन” नीति के तहत दवा कंपनियों पर दबाव बना रहा है कि वे कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर के बराबर करें।

 एक अहम छूट… जेनेरिक दवाएं बाहर
सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि जेनेरिक दवाओं पर यह टैरिफ लागू नहीं होगा। यूएस फूड एवं ड्रग एडमिनिस्ट्रेटिव के मुताबिक, अमेरिका में बिकने वाली 90% से ज्यादा दवाएं जेनेरिक हैं।

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